24 हजार किसानों को मिलेगा क्रेडिट कार्ड : डीएम

Published at :16 Nov 2015 6:42 PM (IST)
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24 हजार किसानों को मिलेगा क्रेडिट कार्ड : डीएम

24 हजार किसानों को मिलेगा क्रेडिट कार्ड : डीएम फोटो – मधेपुरा 03कैप्शन – कर्मशाला का उद्घाटन करते डीएम और प्रगतिशील किसान, फोटो – मधेपुरा 04कैप्शन – कर्मशाला में उपस्थित किसान एवं अधिकारी – कृषि विभाग के कार्यशैली पर डीएम ने जताया नाराजगी — – किसानों को नई तकनीक से जुड़ कर खेती करने के […]

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24 हजार किसानों को मिलेगा क्रेडिट कार्ड : डीएम फोटो – मधेपुरा 03कैप्शन – कर्मशाला का उद्घाटन करते डीएम और प्रगतिशील किसान, फोटो – मधेपुरा 04कैप्शन – कर्मशाला में उपस्थित किसान एवं अधिकारी – कृषि विभाग के कार्यशैली पर डीएम ने जताया नाराजगी — – किसानों को नई तकनीक से जुड़ कर खेती करने के लिए किया प्रेरित — — बायो फर्टिलाइजर और दलहन की खेती के लिए डीएम ने किया आहवान — प्रतिनिधि, मधेपुरा हमारा देश कृषि प्रधान देश है. खेत की उपज से देश की समृद्धि तय होती है. ऐसे में देश के किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. लेकिन कृषि विभाग की उदासीनता के कारण सरकारी कागज की जानकारी कार्यशाला तक सीमित रह जाती है. किसान जानकारी के अभाव में पारंपरिक तरीके से खेती करने के लिए विवश है. उपरोक्त बातें जिला पदाधिकारी मो सोहैल ने सोमवार को रवि महोत्सव सह किसान कर्मशाला के उद्घाटन के दौरान कही. ज्ञात हो कि सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय में रवि महोत्सव सह एक दिवसीय किसान कर्मशाला का आयोजन किया गया था. महोत्सव का दीप प्रज्वलन कर उद्घाटन करने के बाद उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि समय बदल रहा है. किसानों को नई तकनीक और नये संसाधनों से लेंस होकर खेती करनी होगी. पारंपरिक खेती के साथ – साथ आगे भी देखना होगा. जीरो टिलेज विधि से गेहूं की खेती करने पर कम लागत में डेढ़ गुणा अधिक फसल की उपज होगी. दलहन की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करते हुए डीएम ने कहा कि 11 हजार पांच सो एकड़ के लक्ष्य को भूल कर किसान अधिक से अधिक भूमि में दलहन की खेती करें और अनुदान का लाभ उठायें. उर्वरक के उपयोग पर उन्होंने कहा कि हमारे यहां पशुधन की कोई कमी नहीं है. किसान बायो फर्टिलाइजर के उपयोग पर बल दें. डीएम ने कहा कि अगले सप्ताह कैंप आयोजित कर समाहरणालय में जिले के 24 हजारों किसानों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाया जायेगा. जिले के सभी प्रखंडों से ट्यूवेल के लिए दो हजार आवेदन प्राप्त हुए है. आने वाले समय में विभाग से लक्ष्य बढ़वा कर किसानों को ट्यूवेल के लिए 12-12 हजार रूपये उपलब्ध करवाये जायेंगे. कृषि विश्वविद्यालय के प्राचार्य उमेश प्रसाद सिंह ने किसानों को जीरो टिलेज की विधि बताते हुए फायदा भी गिनाये. वहीं जिला कृषि पदाधिकारी यदुनंदन प्रसाद यादव ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और समय – समय पर विभाग से जानकारी लेने के लिए कहा. महोत्सव का संचालन कृषि समन्वयक मिथिलेश कुमार क्रांति ने किया. मौके पर आत्मा के परियोजना निदेशक राजन बालन, कमलेश प्रसाद, जय कुमार ज्योति, विजय कुमार जायसवाल, श्याम सुंदर दास, सुभाष चंद, समरेश कुमार, विकास कुमार, कृषि वैज्ञानिक डाॅ सुनील कुमार आदि ने भी संबोधित किया. औषधीय खेती से जुड़े किसान प्रतिनिधि, मधेपुरा रबी महोत्सव सह किसान कर्मशाला के दौरान जिले के प्रख्यात प्रगतिशील किसान शंभु शरण भारतीय किसानों को औषधीय खेती से जुड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती किसानों का मुनाफा संरक्षित करती है. जबकि औषधीय पौधों की खेती धन के साथ – साथ हमारे समाज के स्वास्थ्य का संरक्षण भी करती है. कई औषधीय पौधों की चर्चा करते हुए उन्होंने खेती के गुर और मुनाफा के बाबत विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि इन फसलों को खरीदने के लिए बहुत बड़ा बाजार तैयार है. किसान खेती करें.

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