थम गया चुनाव प्रचार का शोर, मतदान कल

Published at :03 Nov 2015 6:42 PM (IST)
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थम गया चुनाव प्रचार का शोर, मतदान कल

थम गया चुनाव प्रचार का शोर, मतदान कल – प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने झोंकी ताकत – कोसी के 13 सीटों पर कल है मतदान – प्रशासनिक तैयारियां पूरी, मतदान केंद्रों की ओर आज रवाना होंगे मतदान कर्मी – फोटो- मधेपुरा 13कैप्शन- चुनाव प्रचार के बाद उतार कर रखा गया लाउडस्पीकर प्रतिनिधि. […]

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थम गया चुनाव प्रचार का शोर, मतदान कल – प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने झोंकी ताकत – कोसी के 13 सीटों पर कल है मतदान – प्रशासनिक तैयारियां पूरी, मतदान केंद्रों की ओर आज रवाना होंगे मतदान कर्मी – फोटो- मधेपुरा 13कैप्शन- चुनाव प्रचार के बाद उतार कर रखा गया लाउडस्पीकर प्रतिनिधि. मधेपुरा.कोसी क्षेत्र के 13 विधानसभा क्षेत्र में कल होने वाले मतदान को लेकर मंगलवार की शाम पांच बजे प्रचार का शोर थम गया. इसके साथ ही लोगों को कानफाड़ू आवाज से निजात भी मिल गयी. इस दौरान पार्टी कार्यालयों से प्रचार सामग्रियों को हटा लिया गया. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी सारी ताकत झोंक दी. प्रचार के अंतिम दौर में राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से मतदाताओं को रिझाने में लगे रहे. चुनाव प्रचार खत्म होने के 24 घंटे बाद मतदाता प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे. पांच नवंबर को मतदाता बनेंगे भाग्य विधाता कोसी क्षेत्र के मतदाता पांच नवंबर को प्रत्याशियों के लिए भाग्य विधाता की भूमिका निभायेंगे. कोसी में कुल तेरह सीटें हैं. इनमें मधेपुरा, सिंहेश्वर, आलमनगर, बिहारीगंज व मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव के पांचवें चरण में पांच नवंबर को मतदान है. सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर, महिषी, सोनवर्षा व सहरसा एवं सुपौल जिले के पीपरा, त्रिवेणीगंज, सुपौल, छातापुर एवं निर्मली विधानसभा क्षेत्र में पांच नवंबर को वोट डाले जायेंगे.– बूथ पर तैनात रहेंगे अर्द्धसैनिक बल निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी है. इस बार सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्वसैनिक बल के जवान तैनात रहेंगे. आठ नवंबर को होने वाले मतगणना के लिए प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गयी है.- विधानसभा वार बनाये गये नियंत्रण कक्ष निष्पक्ष चुनाव को लेकर जिला प्रशासन इस बार सजग दिख रही है. इसके लिए अनुमंडल कार्यालय में विधानसभा वार नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत होने या मिलने पर नियंत्रण में शिकायत दर्ज करायी जायेगी. जिला मुख्यालय स्थित टीपी कॉलेज को मतगणना केंद्र बनाया गया है. आठ नवंबर को मतगणना है. —- इनसेट — कोसी में स्टार प्रचारकों ने किया धुआंधार प्रचारप्रतिनिधि.मधेपुरा.पांच नवंबर को चुनाव के अंतिम चरण में होने वाले कोसी की चुनाव पर सबकी नजर टिकी हुई है. पिछले चार चरण में हुए चुनाव के बाद राजनीतिक दल कोसी की सीटों पर नजर गड़ाये हुए हैं. बिहार में सरकार बनाने में कोसी और सीमांचल की भूमिका निर्णायक साबित होती रही है. कोसी के मतदाताओं को आकर्षित करने की सबने हर संभव कोशिश की. और इसलिए कोसी क्षेत्र में एनडीए गठबंधन से लेकर महागठबंधन के स्टार प्रचारकों का तांता लगा रहा. इसमें मधेपुरा स्थित सिंहेश्वर प्रखंड स्थित भूपेंद्र नारायण मंडल विवि के नये परिसर में एक नवंबर को हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा भी शामिल है. वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कोसी में दर्जनों सभाएं की. गृह मंत्री राजनाथ सिंह की दो चुनावी सभाएं सिंहेश्वर के मवेशी हाट एवं बभनी के पारसमणि उच्च विद्यालय के प्रांगण में हुई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शरद यादव ने मधेपुरा में कैंप कर कोसी के चुनाव प्रचार की कमान संभाले रखी. लालू यादव की बेटी मीसा भारती एवं बेटे तेजस्वी भी कोसी के ही इलाके में चुनावी दौरे पर थे. प्रचार के अंतिम दिन सिने स्टार राज बब्बर ने महागठबंधन के पक्ष में, भाजपा सांसद सह भोजपुरी गायक मनोज तिवारी ने एनडीए गठबंधन के पक्ष में लोगों को रिझाने का प्रयास किया. इसके अलावा एनडीए गठबंधन के सुशील मोदी, शाहनवाज हुसैन, मंगल पांडे, रामकृपाल यादव, रामविलास पासवान, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और मुकेश सहनी ने प्रचार के दौरान कोसी क्षेत्र में कई चुनावी सभाएं की. सीपीआइएम के लिये वृंदा करात पहंुचीं तो सीपीआइ के पक्ष में अमरजीत कौर ने भी सभाएं की. इन स्टार प्रचारकों ने एक एक दिन में आधा दर्जन से अधिक सभाएं तक की.—- इनसेट —– वोटर किसकी तरफ यह कहना मुश्किल प्रतिनिधि. मधेपुरा.कोसी में चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा रोजगार और विकास के जो सपने दिखाये, उसे वोटर तमाशबीन बन कर देखती और सुनती रही. चाय व पान दुकान पर चुनाव बहस के दौरान लोग पार्टियों का हिसाब किताब भी लगाते रहे. सभा में उमड़ी भीड़ से प्रत्याशी अपनी जीत का भी कैसे करते. यहां तो हर सभा में उतनी ही भीड़ उमड़ी. किसी भी प्रत्याशी को मतदाता ने निराश नहीं किया. उन्हें ही वोट देंगे, यह आश्वासन दे कर ही भेजा. — पंचायत से लेकर टोले तक हुआ दौरा प्रचार के अंतिम दिन विभिन्न पार्टियों से लेकर निर्दलीय प्रत्याशी काफी सक्रिय दिखे. कोई भी दलीय व निर्दलीय प्रत्याशी चूक करने के मूड में नहीं थे. प्रत्याशियों के पक्ष में पार्टी के वरीय नेताओं ने पंचायत से लेकर गांव तक का दौरा किया. ——————————प्रचार के नये नये तरीके आजमाये गये प्रतिनिधिमधेपुराविधानसभा चुनाव 2015 के दौरान प्रचार के नये नये तरीके आजमाये गये. प्रचार की डिजीटलीकरण की चर्चा काफी हुई. लोगों को जब किसी नंबर से फोन आया तो, उठाने पर आप अपना वोट क्षेत्र के विकासशील, सुयोग्य उम्मीदवार के चुनाव चिन्ह पर बटन दबा कर उन्हें अपार मतों से विजय बनावें, कुछ इसी तरह की आवाज मोबाइल पर लोगों को सुनायी देती रही. वहीं इस बार साइकिल भी फैशन में रहा. बड़ी – बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने इसे अपना हथियार बनाया. ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार के ये तरीके कारगर रहे.

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