मधेपुरा : सदर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर इमरजेंसी, ओपीडी तथा जांच केंद्र पर मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है. सोमवार को अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण मरीजों में मायूस दिखी. पेट दर्द तथा प्रसव के लिए आयी महिला मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण इधर-उधर भटकना पड़ा.
सदर अस्पताल कर्मियों की माने तो पिछले एक सप्ताह से औसतन एक सौ मरीज अधिक जांच कराने के लिए यहां पहुंच हैं. हालांकि अधिकांश मरीज मौसम के बदले मिजाज के कारण बीमार हो रहे हैं. मरीजों में अधिकांश मरीजों की संख्या बुखार, सर्दी, खासी, डिहाइड्रेशन के आ रहे हैं. वर्तमान समय में थोड़ी सी भी चूक लोग को बीमार कर रही है. इलाज कराने आये मरीजों को अपनी बारी-बारी का इंतजार करना पड़ रहा था.
वहीं अस्पताल में चिकित्सक की कमी से मरीजों को परेशानी होती थी, जिसको लेकर जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज से चिकित्सक को सदर अस्पताल के ओपीडी में ड्यूटी लगायी गयी, लेकिन समय से पहले उठ कर चले जाते हैं. मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों 10 बजे सदर अस्पताल के ओपीडी आते है व 12 बजे तक अपने ड्यूटी को समाप्त कर चले जाते हैं. जिसको लेकर मरीजों को परेशानी होती है. सदर अस्पताल के विभिन्न ओपीडी में मरीजों की कतार लगी हुई थी.
इस बाबत पर डाॅ फूल कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव अपने साथ बहुत सारी बीमारियां साथ ले आता है. ऐसे में लोगों को विशेष रूप से कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत रहता है. बदलते मौसम में संक्रमण का खतरा होता है. ऐसे में सूती वस्त्र ही पहनना चाहिए. पौष्टिक आहार लेना चाहिए. इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है.
इसलिए ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिये. अगर सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न ले. किसी अच्छे विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही दवा ले. सुबह की सैर के साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है. मौसम बदलते समय खांसी व फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. मरीजों को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी में गरगरे करना चाहिए.
