मिथिला का प्रसिद्ध पर्व सामा-चकेवा का हुआ समापन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मधेपुरा : कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर सोमवार की रात में नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड आठ से सामा चकेवा विदाई करने को लेकर बैंड पार्टी के साथ - साथ लोकगीत गाते हुये मोहल्ले के विभिन्न चौक-चौराहे से गुजरते हुये साहुगढ़ पुल पर विसर्जन किया गया. ज्ञात हो कि मिथिलांचल के प्रसिद्ध पर्व सामा-चकेवा उत्साह पूर्ण व मैथिली परंपरा के अनुरूप मनाया गया.

उत्साह पूर्ण माहौल के बीच महिलाओं ने विधि-विधान पूर्वक भाई-बहन के अटूट प्रेम के रूप में प्रसिद्ध सामा-चकेवा पर्व मनाया. इस दौरान महिलाओं ने डाला दौड़ा में सामा चकेवा लेकर अपने-अपने आंगन-दरवाजे पर मिट्टी से बने सामा चकेवा आदि
सहित विभिन्न पक्षियों व जीव जंतुओं के बनाये गये.
प्रतिमा का विधि-विधान पूर्वक पूजा व सामा चकेवा पर आधारित लोक मैथिली गीत गाकर भाई बहन के पवित्र रिश्ते को प्रगाढ़ बनाया. वहीं बच्चों ने चुगला का आकर्षित प्रतिमा बनाके फिर चुगला के मुंह में आग लगाकर चुगलखोरी पर लगाम लगाने के संदेश दिये.
इस दौरान सामा चकेवा के पारंपरिक गीत साम चकेवा के प्रसिद्ध गीत समा चकेवा खेलब गे बहिना भैया आदि प्रसिद्ध लोकगीत गाते हुये महिलाओं ने प्रेम व श्रद्धा का पर्व सामा चकेवा मनायी. वहीं सैकड़ों दर्शकों सामा चकेवा देखें व मैथिली गीतों सुनने से झूम उठे. इस मौके पर प्रदीप कुमार, रूपेश कुमार ,आशीष राम, अशोक मुखिया ,मन्नू कुमार, राहुल कुमार, भूटो कुमार, अभिलाषा कुमारी, पूजा, बबली , अनीता देवी राधा देवी, प्रशांत ,प्रतीक , मनीष कुमार आदि मौजूद थे.
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