एक एक्स-रे मशीन के भरोसे ओपीडी व आपातकालीन सेवा
Updated at : 15 Mar 2019 2:28 AM (IST)
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मधेपुरा : सदर अस्पताल में रोजाना लगभग एक हजार मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं. बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की उम्मीद में जब वे यहां पहुंचते हैं तो निराशा ही हाथ लगती है. अस्पताल में सामान्य सुविधा प्राप्त करने के लिए भी मरीज व परिजनों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है. इधर से उधर भटकना पड़ता […]
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मधेपुरा : सदर अस्पताल में रोजाना लगभग एक हजार मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं. बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की उम्मीद में जब वे यहां पहुंचते हैं तो निराशा ही हाथ लगती है. अस्पताल में सामान्य सुविधा प्राप्त करने के लिए भी मरीज व परिजनों को घंटों लाइन में लगना पड़ता है. इधर से उधर भटकना पड़ता है.
मेडिसिन विभाग के ओपीडी में रोजाना करीब 950 मरीज इलाज करवाने पहुंचते हैं. अन्य विभागों की भी स्थिति कुछ इसी तरह की है. अस्पताल में आंतरिक रोग की जांच करने वाली एक्स-रे मशीन केवल एक है. आपातकालीन विभाग में एक्सरे मशीन नहीं है.
मशीनों की कम संख्या के कारण मरीजों को जांच करवाने में परेशानी होती है. कई मरीजों की जांच सही समय पर नहीं होने के कारण उपचार सही ढंग से नहीं हो पाता है. कई मरीज बिना जांच कराये लौट जाते हैं. इसे लेकर रोजाना मरीज व कर्मी में नोकझोंक देखने को मिल रही है.
ओपीडी आपातकालीन विभाग में अलग से मशीन नहीं : ओपीडी व आपातकालीन विभाग में करीब हजार मरीज रोजाना आते हैं. आपातकालीन विभाग गंभीर मरीजों के लिए अलग से एक्स-रे मशीन की व्यवस्था नहीं है.
अस्पताल में रखे एकलौते मशीन से सभी विभाग के मरीजों की जांच की जाती है. ओपीडी, इमर्जेंसी व अन्य विभागों के मरीजों की जांच के लिए मात्र एक मशीन उपलब्ध है.
यह मशीन ओपीडी विभाग में रहता है. इस कारण विभाग में मरीजों की भीड़ लगी होती है. वहां जांच के लिये मरीजों को घंटों रुकना पड़ता है. भीड़ के कारण वहां रोजाना अफरा-तफरी मची रहती है. घंटों बैठने के बाद ही जांच संभव हो पाता है.
रोजाना 50 से 55 लोगों का होना है एक्स-रे : एक्स-रे जांच के लिए मरीज व परिजन बाहर के निजी जांच घर में जाने के लिए मजबूर हो गये. बाहर में इस जांच के लिए मरीजों को दो सौ से तीन सौ रुपये तक शुल्क चुकाना पड़ता है. उक्त एक्स रे सेंटर के दलाल अस्पताल परिसर में सक्रिय रहते है.
कर्मियों की कमी से भी होती है परेशानी
एक्स-रे विभाग में जब मरीजों को जांच के लिए लाया जाता है, कई बार पता चलता है कि कर्मी अवकाश पर गया हुआ है. इसके बाद कर्मी को ढ़ूढ़ने में मरीज व परिजनों को पसीने बहाना पड़ता है. सही समय पर जांच नहीं होने के कारण उनको कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. मजबूर होकर मरीज को बाहर से जांच करवाना पड़ता है. जानकारी के अनुसार एक्स-रे विभाग में तीन कर्मी तैनात है.
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