बालगुदर गढ़ टीले का उत्खनन भी इतिहास के कई छिपे पहलुओं को करेगा उजागर : डीएम

Published by : Rajeev Murarai Sinha Sinha Updated At : 25 Nov 2025 6:11 PM

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विश्व धरोहर सप्ताह के सातवें व अंतिम दिन जिले में आयोजित हेरिटेज वॉक ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण को नयी दिशा प्रदान की

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लाली पहाड़ी एवं बालगुदर टीला भ्रमण के साथ विश्व धरोहर सप्ताह संपन्न

हेरिटेज वॉक में दिखा छात्र-छात्राओं का उत्साह

विद्यार्थियों को धरोहरों के बारे में दी जानकारी व संरक्षण का संकल्प

लखीसराय

विश्व धरोहर सप्ताह के सातवें व अंतिम दिन जिले में आयोजित हेरिटेज वॉक ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण को नयी दिशा प्रदान की. सोमवार को जिले के दो प्रमुख व प्राचीन विरासत स्थल ‘राजकीय लाली पहाड़ी व बालगुदर गढ़ टीला’ का परिभ्रमण करते हुए छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ इतिहास को करीब से जाना, बल्कि धरोहर संरक्षण का संकल्प भी लिया. यह कार्यक्रम बिहार विरासत विकास समिति पटना, लखीसराय संग्रहालय व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया. राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर से तीन सौ से अधिक छात्रों का विशाल दल ‘हमारी धरोहर, हमारी शान’ तथा ‘धरोहरों की रक्षा कौन करेगा ‘हम करेंगे, हम करेंगे’ जैसे प्रेरक नारों के साथ हेरिटेज वॉक पर निकला. यह समूह लाली पहाड़ी पहुंचकर वहां स्थित विशाल बौद्ध विहार के प्राचीन अवशेषों का साक्षात अवलोकन किया. जिला प्रशासन के समन्वयक शिक्षक पीयूष कुमार झा के नेतृत्व में भ्रमण के दौरान डीएम मिथिलेश मिश्र ने कहा कि लाली पहाड़ी पर स्थित बौद्ध विहार भारत का इकलौता ऐसा विहार है, जो पहाड़ी पर अवस्थित है. विशेष रूप से महिलाओं के लिए समर्पित था. उन्होंने बताया कि 25 नवंबर 2017 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किये गये उत्खनन आरंभ के बाद इस बौद्ध विहार के वास्तविक स्वरूप और महत्व का खुलासा देश-दुनिया के सामने आया. डीएम ने आगे कहा कि बालगुदर गढ़ टीले का उत्खनन भी इतिहास के कई छिपे पहलुओं को उजागर करेगा और जिले की समृद्ध विरासत को पहचान दिलायेगा. इस अवसर पर धरोहर सप्ताह के समन्वयक शिक्षक पीयूष कुमार झा को चादर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.

रामेश्वर सिंह प्लस टू उवि बालगुदर के छात्र-छात्राओं ने किया भ्रमण

इधर, दूसरी ओर रामेश्वर सिंह प्लस टू उच्च विद्यालय बालगुदर के छात्र-छात्राओं ने प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय कुमार व शिक्षक मधुसूदन कुमार के नेतृत्व में विद्यालय से निकलकर पूरे बालगुदर गांव का भ्रमण किया व बालगुदर गढ़ टीला पर पहुंचकर हेरिटेज वॉक का समापन किया. यहां उपस्थित विद्यार्थियों ने धरोहरों की रक्षा और संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया. इस दौरान बिहार संग्रहालय के निदेशक अंजनी कुमार सिंह ने संग्रहालय की छत से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए हाथ हिलाकर अभिवादन किया. सप्ताह भर चले इन कार्यक्रमों में क्विज, पेंटिंग, संवाद, प्रदर्शनियां, हेरिटेज वॉक एवं जागरूकता गतिविधियों ने धरोहर संरक्षण को लेकर जिले में व्यापक जन-जागरूकता फैलायी. इस प्रकार लखीसराय जिले में सात दिवसीय विश्व धरोहर सप्ताह का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसने आने वाली पीढ़ियों में अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना को और मजबूत किया. कार्यक्रम में डीएम के साथ डीइओ यदुवंश राम, संग्रहालयाध्यक्ष डॉ सुधीर कुमार यादव, बिहार विरासत विकास समिति के समन्वयक डॉ अमित कुमार, तथा इतिहासविद् प्रो अनिल कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक मृत्युंजय कुमार, दीर्घा प्रभारी राजेश कुमार, राहुल कुमार समेत कई शिक्षक उपस्थित रहे.

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