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पानी की कमी के कारण नहीं हो रही है धान की रोपनी

Updated at : 21 Jul 2024 9:13 PM (IST)
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पानी की कमी के कारण नहीं हो रही है धान की रोपनी

मॉनसून कमजोर हो जाने के कारण जिले में बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है.

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लखीसराय. मॉनसून कमजोर हो जाने के कारण जिले में बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है. किसानों का धान का बिचड़ा लगभग तैयार हो चुका है. किसान अब धान की रोशनी करने के लिए काफी उत्सुक नजर आ रहे हैं, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण उनके मंशा पर पानी फिर रहा है. किसान अब तक अपने खेतों में पानी को लेकर नहर आहार समेत पोखर की पानी से सिंचाई करने के लिए मारामारी कर रहे हैं. कहीं पानी को रोका जा रहा है तो कहीं डीजल पंप आदि लगाकर अपने खेतों में पानी जमा करने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं. जिले में लगभग सभी प्रखंड में धान का बिचड़ा तैयार हो चुका है. जिले में 44 हजार हेक्टेयर में धान की रोपनी करने के लिए 44 सौ हेक्टेयर में धान का बिचड़ा गिराया गया है. जुलाई के अंतिम माह मैदान की रोपनी काफी भारी पैमाने पर होती है, लेकिन इस बार फिर से बारिश के धोखा देने से किसान पैसा पेश की स्थिति में है. हालांकि जिस प्रखंड में बोरिंग की व्यवस्था है. वहां किसानों के द्वारा अपने खेत में पानी जमा कर खेत की जुताई करके छोड़ दिया है. जिससे कि उनके खेत में घास आदि गल कर मिट्टी में मिलने के लिए छोड़ दिया गया है.

बिजली की किल्लत होने के कारण भी सिंचाई की हो रही समस्या

बिजली की समस्या के कारण भी किसानों को अपने खेत का पतन करने में समस्या उत्पन्न हो रही है. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की किल्लत हो रही है. जिसके कारण किसानों खेतों के पटवन करने में काफी समस्या उत्पन्न हो रही है. विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि जिले में विद्युत आपूर्ति तभी बंद होता है. जब कोई समस्या उत्पन्न होती है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में विद्युत परियोजना विभाग के द्वारा भी वर्तमान में पोल लगाने एवं आईटी तार जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है. इसके अलावे पे पौधे काटने को लेकर भी विद्युत आपूर्ति भी बाधित होती है.

जुलाई के अंतिम माह तक भी लक्ष्य का आधा भी नहीं हो पायेगी धान की रोपनी

धान की रोपनी लक्ष्य के मुताबिक जुलाई के अंतिम माह तक इस तरह के मौसम रहने से 25 प्रतिशत भी नहीं पूरा हो सकता है. वर्तमान में धान की रोपनी शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक एक सौ हेक्टेयर में भी धान की रोपनी नहीं हो पाया है. मौसम के बेरुखी के कारण किसने की चिंता बढ़ी है. धान की रोपनी का आगे बढ़ाने के लिए बिजली विभाग की भी भूमिका अहम होगी.

बोले अधिकारी

सदर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि सदर प्रखंड में भी धान की रोपनी शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि सदर प्रखंड में बोरिंग की व्यवस्था से भी धान की रोपनी कराया जा रहा है, लेकिन बिजली कम मिलने के कारण धान के रोपनी के कार्य प्रभावित हो रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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