मुखिया हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता व शूटरों की गिरफ्तारी बनी हुई है चुनौती

Updated:
विज्ञापन

वलीपुर मुखिया चंदन कुमार उर्फ डोमू सहित दो की हत्या मामले में पुलिस ने जहां त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर सहित दो लोगों को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन अभी भी पुलिस के समक्ष घटना को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाने वाले लोगों को गिरफ्तार करना चुनौती बनी हुई है.

विज्ञापन

एक शूटर सहित दो लोगों को पुलिस कर चुकी है गिरफ्तार

मुख्य साजिशकर्ता सहित तीन शूटर अब भी है फरार

लखीसराय. वलीपुर मुखिया चंदन कुमार उर्फ डोमू सहित दो की हत्या मामले में पुलिस ने जहां त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर सहित दो लोगों को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन अभी भी पुलिस के समक्ष घटना को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाने वाले लोगों को गिरफ्तार करना चुनौती बनी हुई है. पुलिस के अनुसार घटना को बाहर के चार शूटरों ने अंजाम दिया था, जिसमें एक की गिरफ्तारी हो चुकी है. हालांकि एसपी अजय कुमार के द्वारा घटना के तीन दिन बाद एक प्रेस वार्ता कर जहां दो लोगों के गिरफ्तारी को सार्वजनिक करते घटना को अंजाम देने में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शिवम भारद्वाज उर्फ गोलू व उनका सहयोग करने वाले उमाशंकर शर्मा उर्फ उमेश सिंह एवं मुकेश सिंह का नाम भी सार्वजनिक किया गया था. जिनकी गिरफ्तारी के साथ ही तीन अन्य शूटरों की गिरफ्तारी अभी भी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है. वहीं पुलिस द्वारा मुखिया की पत्नी द्वारा दर्ज कराये गये प्राथमिकी में नामजद लोगों के बारे में भी कुछ नहीं बता रही है

बता दें कि विगत 17 जून को पिपरिया प्रखंड के वलीपुर पंचायत के मुखिया चंदन सिंह उर्फ डोमू व वार्ड सदस्य पुत्र चंदन कुमार की गोली मारकर हत्या किये जाने के मामले में मुखिया की पत्नी की से छह नामजद व पांच-सात अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी, जबकि वार्ड सदस्य पुत्र चंदन कुमार की मौत पर मृतक के भाई राजकुमार द्वारा अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर थाना में आवेदन दिया. हालांकि पुलिस ने एक हत्याकांड में दो प्राथमिकी दर्ज न होने की बात करते हुए दोनों आवेदन को मर्ज कर एक ही प्राथमिकी दर्ज की है. जिस पर पुलिसिया जांच शुरू की गयी.

शुरू में शराब माफियाओं द्वारा की जा रही थी हत्या किये जाने की आशंका

मुखिया व उसके साथ रहे वार्ड सदस्य चंदन कुमार की हत्या का तार शुरुआत जांच में शराब माफियाओं से जोड़कर देखा जा रहा था, और उनके परिवार व स्थानीय लोगों द्वारा भी हत्या का कारण इस ओर से ही इशारा कर रहा था, लेकिन पुलिसिया जांच में मामला ही कुछ अलग निकला.

एसपी द्वारा एसआईटी गठन से उठा था रहस्यों से पर्दा

वहीं दोहरे हत्याकांड के तुरंत बाद एसपी अजय कुमार ने एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. जिसमें बारीकी से जांच शुरू की गयी. इस जांच में कई रहस्यों से पर्दा उठता गया तथा पुलिस द्वारा हत्या में शामिल एक शूटर व एक अन्य को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ करने पर कई बातें सामने खुलकर सामने आयी. जिसमें हत्या का मुख्य कारण जमीन विवाद बताया गया तथा इसमें साजिशकर्ता के रूप में पूर्व विधायक कृष्णचंद्र सिंह के भतीजे का नाम आया, हालांकि पूर्व विधायक ने इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे एक राजनीतिक षड़यंत्र करार दिया.

बोले एसपी

इस संबंध में एसपी अजय कुमार ने बताया कि एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में एसआईटी मामले के अनुसंधान में जुटी हुई है. अलग-अलग टीम घटना को लेकर कार्य कर रही है. जल्द ही घटना को अंजाम देने में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. इसके साथ ही एसपी ने कहा कि मामले में किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाया जायेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा.

———————————————————————————————

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Rajeev Murarai Sinha Sinha

लेखक के बारे में

By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन