उपेक्षा का शिकार है किऊल जंकशन

Published at :29 May 2016 7:14 AM (IST)
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उपेक्षा का शिकार है किऊल जंकशन

परेशानी . अनधिकृत रूप से चलाया जा रहा है जर्जर घोषित हो चुका शौचालय किऊल रेलवे जंकशन पर जसीडीह, गया, भागलपुर एवं पटना चार दिशाओं से ट्रेनें आती है व यात्री यहां ट्रेनों की अदला-बदली करते हैं. इस दौरान उन्हें किऊल स्टेशन पर रुकना पड़ता है. ऐसे में अगर यात्रियों को शौचालय जाने की जरूरत […]

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परेशानी . अनधिकृत रूप से चलाया जा रहा है जर्जर घोषित हो चुका शौचालय

किऊल रेलवे जंकशन पर जसीडीह, गया, भागलपुर एवं पटना चार दिशाओं से ट्रेनें आती है व यात्री यहां ट्रेनों की अदला-बदली करते हैं. इस दौरान उन्हें किऊल स्टेशन पर रुकना पड़ता है. ऐसे में अगर यात्रियों को शौचालय जाने की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है.
रेल मंडल से लेकर हाजीपुर जोन के अधिकारियों की नजर में रहने के बावजूद नहीं की जा रही समुचित व्यवस्था
लखीसराय : रेलमंत्री जहां लगातार रेलवे में यात्रियों की सुविधा को पुख्ता करने का दावा कर रहे हैं वहीं हाजीपुर जोन व दानापुर मंडल की अधिकारी उनकी इस व्यवस्था को फेल करने में लगे हैं. पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जोन एवं दानापुर रेल मंडल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में शुुमार किऊल रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं किया जा रहा है़
किऊल रेलवे स्टेशन पर चार दिशाओं जसीडीह, गया, भागलपुर एवं पटना की ओर से आने एवं ट्रेन बदल दूसरी दिशाओं में जाने के बीच के समय में यात्रियों को यहां घंटो ठहराव करने को मजबूर होना पड़ता है़ लेकिन इनके ठहराव के क्रम में मिलने वाली सुविधा की बात की जाये, तो इन्हें हर चीज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है़
एक ओर जहां बाहर से आने वाले यात्रियों को दूसरी दिशा में जाने के लिए टिकट कटाने के लिए प्लेटफॉर्म से नीचे जाना पड़ता हैं, तो वहीं यदि किऊल स्टेशन पर अपने ठहराव के क्रम में शौचालय जाने की जरूरत पड़ जाये, तो समझो उसके लिए आफत की बात ही हो जायेगी़ कहने को तो किऊल रेलवे स्टेशन पर पांच प्लेटफॉर्म हैं लेकिन प्लेटफार्म नंबर तीन पर एक तथा प्लेटफॉर्म एक से नीचे द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय के बगल में शौचालय है और वह भी रेलवे की नजर में जीर्ण-शीर्ण हो चुका है,
जिस वजह से उसका काफी समय से टेंडर भी नहीं हुआ है़ यात्रियों को थोड़ी से राहत देने के लिए स्थानीय अधिकारियों के द्वारा अनधिकृत रूप से ही सही स्थानीय लोगों के द्वारा उक्त शौचालय को संचालित करवाने का काम किया जा रहा है़ इस संबंध में किऊल रेलवे स्टेशन का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे थे़
यहां बताते चलें कि रेलवे ने अपने महत्वपूर्ण स्टेशनों पर पेड एंड यूज डीलक्स शौचालय लगावाने का काम किया है़ लेकिन किऊल एवं लखीसराय स्टेशनों के प्रति रेल अधिकारी उपेक्षापूर्ण नीति अपना रहे हैं, ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी मंडल या जोनल स्तर के अधिकारियों के पास नहीं है़ किऊल स्टेशन के कर्मियों की मानें तो इसकी जानकारी सभी वरीय पदाधिकारियों के पास है. लेकिन कोई इस दिशा में पहल नहीं कर रहे, जिससे यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है़
इस संबंध में यात्रियों से शौचालय प्रयोग करने के बाद रुपये वसूल रहे प्रमोद कुमार से पूछे जाने पर पहले तो उसने बताया कि इसका टेंडर समस्तीपुर के किसी प्रभाष कुमार का है, लेकिन जब उसे बताया गया कि वह गलत बोल रहा तो उसने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए वह शौचालय को साफ करवाता रहता है और उसके एवज में लोगों से राशि वसूलता है़
रेल अधिकारियों की नहीं पड़ती नजर
कहते हैं स्टेशन प्रबंधक
किऊल रेलवे स्टेशन प्रबंधक जेवियर एक्का ने बताया कि स्टेशन पर जो भी शौचालय है वह काफी पूर्व ही जर्जर घोषित किया जा चुका है,इसलिए उसका टेंडर नहीं हो रहा है़ नये शौचालय निर्माण के लिए वरीय रेल अधिकारियों से बात की गयी है़ उनके द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद ही शौचालय का निर्माण हो सकेगा़
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