विकास की मांग को लेकर आदिवासी ने दिया धरना

लखीसराय : सोमवार को आदिवासी विकास संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में आदिवासियों ने विकास से अछूता रहने व आॅपरेशन ग्रीन हंट के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना समाहरणालय के धरना स्थल पर समिति के सचिव राजेन्द्र कोड़ा की अध्यक्षता में दिया. धरना को लेकर समाहरणालय परिसर पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील […]
लखीसराय : सोमवार को आदिवासी विकास संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में आदिवासियों ने विकास से अछूता रहने व आॅपरेशन ग्रीन हंट के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना समाहरणालय के धरना स्थल पर समिति के सचिव राजेन्द्र कोड़ा की अध्यक्षता में दिया. धरना को लेकर समाहरणालय परिसर पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था.
जिले के नक्सल प्रभावित तीन थाना क्षेत्र के चानन, कजरा व पीरी बाजार के कछुआ, लोहरदग्गा, पूर्वी बांध, लछमिनीयां, बरमसिया, हनुमान थान, घोघरघाटी, कानी मोह, शीतला दुधम, कनरिया, लहसोरवा, लठिया, बंगाली बांध आदि गांव के सैंकड़ो महिला व पुरूष अपने पारंपरिक हथियार तीर धनुष से लैस होकर केआरके मैदान से जुलूस की शक्ल में शहर भ्रमण करते हुए समाहरणालय पहुंचे. आदिवासी के द्वारा पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद व विकास की धारा से जुड़ने की आवाज बुलंद कर जा रहे थे.
खासकर महिलाओं में पुलिस की बर्बरतापूर्ण रवैया के खिलाफ आक्रोश दिखी. रीना कोड़ा, राजेन्द्र, नारायण कोड़ा, सुरेश कोड़ा, ललन कोड़ा, सीताराम कोड़ा, विकास कोड़ा, मुकेश कोड़ा ने बताया कि आदिवासी बनना एक अभिशाप बना हुआ है क्या हम लोग आदमी नहीं है. भारत के पहले मूल निवासी आदिवासी ही हैं उसके बाद ही कुछ हुआ है.
बावजूद इसके सरकार व प्रशासन जानबूझ कर मुख्य धारा से जोड़ने के बजाय परेशान करती है. उन्होंने कहा कि कभी आदिवासी दोनों तरफ से पिस रहे हैं.
अपनी लाचारी किस को सुनाये. पुलिस भी ग्रीन हंट के बहाने जाकर आदिवासी के साथ मारपीट करती है तथा गाली गलौज कर नक्सली के बारे में पूछती है. जब पुलिस जाते हैं तो जंगल के राजा भी आकर परेशान करता है.
उन्होंने कहा कि आदिवासी को मुख्य धारा से जोड़कर जंगल से बाहर कहीं इंदिरा आवास बनाकर दिया जाये जिसमें रहकर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिला सकें. उन्होंने कहा कि आदिवासी को रोजगार भी मुहैया करायी जाये जिससे किसी प्रकार के अपराध की ओर नये युवा न जा सके. उन्होंने धरना उपरांत जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा.
जिसमें समाज के मुख्य धारा से जुड़ने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, छात्रवृत्ति, पुलिसिया कार्रवाई आदि से बचाने के लिए जंगल से बाहर समुचित व्यवस्था करवाने की मांग की. उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में कई बार जिला पदाधिकारी और जिला प्रशासन को आवेदन दे चुके है. मौके पर इनकी मागों के समर्थन में लोजपा जिलाध्यक्ष जॉन मिल्टन पासवान, संतोष कुमार सिन्हा, रालोसपा के नेता श्री सिंह सहित कई समाजसेवी शामिल थे.
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