विभागीय लापरवाही से चकाई में दम तोड़ रही है समेकित बाल विकास परियोजना

Published at :05 Dec 2015 6:45 PM (IST)
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विभागीय लापरवाही से चकाई में दम तोड़ रही है समेकित बाल विकास परियोजना

विभागीय लापरवाही से चकाई में दम तोड़ रही है समेकित बाल विकास परियोजना चंद्रमंडीह . प्रखंड में विभागीय लापरवाही के कारण समेकित बाल विकास परियोजना विभाग दम तोड़ती नजर आ रही है. समेकित बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा गरीब परिवारों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने हेतु प्रति आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 16 हजार 225 रूपया […]

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विभागीय लापरवाही से चकाई में दम तोड़ रही है समेकित बाल विकास परियोजना चंद्रमंडीह . प्रखंड में विभागीय लापरवाही के कारण समेकित बाल विकास परियोजना विभाग दम तोड़ती नजर आ रही है. समेकित बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा गरीब परिवारों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने हेतु प्रति आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 16 हजार 225 रूपया करके प्रखंड के 177 केद्रों को प्रतिमाह 28 लाख 71 हजार 825 रूपया उपलब्ध कराया जाता है. परंतु विभागीय पदाधिकारी की मिली भगत से यह योजना प्रखंड क्षेत्रों में दम तोड़ती नजर आ रही है़ क्या है यह योजना. समेकित बाल विकास परियोजना के तहत बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को 16 हजार 225 रुपया प्रति माह पोषाहार हेतु दिया जाता है. इस पैसे से चालिस बच्चों को प्रति दिन केंद्र पर पूरक पोषाहार दिया जाना है एवं प्रत्येक महीने आठ गर्भवती, आठ धात्री, एवं चालीस बच्चों को टेक होम राशन के रूप में चावल,दाल एवं सोयाबीन दिया जाना है़ अति कुपोषित बारह बच्चों को चार किलो चावल, दो किलो दाल एवं आधा किलो सोयाबीन प्रत्येक को दिया जाना है. इसी तरह गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को तीन किलो चावल, डेढ़ किलो दाल एवं साढ़े तीन सौ ग्राम सोयाबीन दिया जाना है़ छप्पन लाभुक जिसे चावल, दाल, सोयाबीन दिया जाना है. उसकी सूची प्रत्येक केंद्र पर साटा जायेगा. कहती हैं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी इस बाबत बाल विकास परियोजना पदाधिकारी किरण कुमारी से पूछे जाने पर बताया कि शिकायत मिलने पर समय-समय पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया जायेगा और दोषी सेविकाओं पर भी कार्रवाई की जायेगी.

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