अवगिल-रामपुर पंचायत के 80 फीसदी घरों में नहीं है शौचालय

Published at :27 Nov 2015 6:37 PM (IST)
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अवगिल-रामपुर पंचायत के 80 फीसदी घरों में नहीं है शौचालय

अवगिल-रामपुर पंचायत के 80 फीसदी घरों में नहीं है शौचालय फोटो संख्या: – 01- मुखिया अजय पासवानफोटो संख्या 02- मोगल पासवानफोटो संख्या 03 – रामपुकार मंडलफोटो संख्या 04- प्रमोद दासफोटो संख्या 05- झाखो पासवानफोटो संख्या 06 – भोला पासवानफोटो संख्या 07- विनोद कुमार दासफोटो संख्या 08 – राम जतन पासवानफोटो संख्या 09 – रणवीर यादवफोटो […]

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अवगिल-रामपुर पंचायत के 80 फीसदी घरों में नहीं है शौचालय फोटो संख्या: – 01- मुखिया अजय पासवानफोटो संख्या 02- मोगल पासवानफोटो संख्या 03 – रामपुकार मंडलफोटो संख्या 04- प्रमोद दासफोटो संख्या 05- झाखो पासवानफोटो संख्या 06 – भोला पासवानफोटो संख्या 07- विनोद कुमार दासफोटो संख्या 08 – राम जतन पासवानफोटो संख्या 09 – रणवीर यादवफोटो संख्या 10- राजो यादवफोटो संख्या 11- लूसो यादवफोटो संख्या 12- अवगिल गांव में सड़क पर जल जमाव व कीचड़फोटो संख्या 13- अवगिल रामपुर गांव में समस्या की जानकारी देते लोगफोटो संख्या 14- अवगिल दास टोला में घर के आगे जल जमाव व आवागमन की एक मात्र पगडंडीफोटो संख्या 15- दास टोला में समस्या की जानकारी देते ग्रामीण पंचायत फैक्टप्ांचायत का नाम-अवगिल-रामपुरप्रखंड-सूर्यगढ़ागांव-अवगिल हासिमपुर,अवगिल चक व अवगिल-रामपुरजनसंख्या-लगभग 12 हजारपेशा- खेती व मजदूरी*अवगिल-रामपुर पंचायत के 80 फीसदी घरों में नहीं हैं शौचालय*अवगिल दास टोला में पगडंडी ही आवागमन का एक मात्र साधन *पंचायत में जल निकासी की समस्या से जुझ रहे ग्रामीण*पंचायत में अधिकतर लोग करते हैं मजदूरी *रोजगार के आभाव में करना होता हैं पलायनप्रतिनिधि, लखीसरायपंचायत चुनाव के बाद लोगों के मन में उम्मीद जगी थी कि अब क्षेत्र का विकास होगा. शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क व सिंचाई की समुचित व्यवस्था होगी. विकास के नये आयाम लिखे जायेंगे, लेकिन अब भी ग्रामीण क्षेत्रों में हालात में परिवर्तन नहीं हो रहा है. गांव में शौचालय नहीं होने की वजह से महिलाएं खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. सड़क निर्माण नहीं होने के कारण खासकर बरसात के मौसम में दलदली सड़कों या पगडंडी ही आवागमन का मार्ग है. ऐसा नहीं है कि जन प्रतिनिधि द्वारा यहां विकास का कोई नहीं किया गया. लेकिन पंचायत में अब भी समस्याएं मुंह बाये खड़ी हैं. पंचायत के मुखिया अजय पासवान के मुताबिक पंचायत में सर्वाधिक ढाई हजार अनुसूचित जाति आबादी रहती है. इसके अलावे डेढ़ हजार पिछड़ी आबादी है. बीते साढ़े चार वर्षों में 395 लोगों को इंदिरा आवास का लाभ दिया गया. 750 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ दिया जा रहा है. एक पीसीसी सड़क, 07 ईंट खरंजाकरण, 45 चापाकल, 15 जगहों पर मिट्टी भराई का काम हुआ. लेकिन इन पांच वर्षों में मात्र एक नाला का निर्माण हो पाया. मुखिया के मुताबिक उन्होंने 250 नव विवाहिता को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लाभ के लिए आवेदन की अनुशंसा की. पंचायत में सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने की वजह से मात्र तीन यूनिट ही पौधारोपण हो पाया. कहते हैं पंचायत के लोगअवगिलचक निवासी मोगल पासवान के मुताबिक पंचायत में विकास कार्य हुआ. जरूरत मंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया. लेकिन महादलित टोला में सड़क नहीं बन पाया. अवगिल हासिमपुर के रामपुकार मंडल के मुताबिक गांव में जल निकासी की समस्या है. कहीं भी नाला का निर्माण नहीं हुआ. विकास के बारे में पूछे जाने पर वे कहते हैं कि औसत विकास ही हो पाया. अवगिल दास टोला निवासी प्रमोद दास के मुताबिक दास टोला में 12 परिवार रहते हैं. आवागमन के लिए कच्ची या पक्की कोई भी सड़क नहीं है. टोला के लोग पगडंडी के सहारे अपने घर आते-जाते हैं. बारिश के मौसम में तो घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है. जल निकासी की समस्या के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर जाता है. अवगिल पासवान टोला के झाखो पासवान के मुताबिक जल निकासी के कारण बारिश के मौसम में जांघ भर पानी से होकर आवागमन करना होता है. पछियारी टोला अवगिल-रामपुर निवासी भोला पासवान के मुताबिक इस गांव के अधिकतर घरों में शौचालय नहीं है. बीपीएल में होने के बावजूद भी इंदिरा आवास नहीं मिला. राशन भी नहीं मिलता. इसी गांव के विनोद कुमार दास के मुताबिक विकास तो हुआ लेकिन आज भी रोजगार के अभाव में बाहर जाकर मजदूरी करनी होती है. स्वास्थ्य सुविधा का अभाव है. स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भवन नहीं बना. चिकित्सा सुविधा के अभाव में पंचायत के लोग झोला छाप डॉक्टर के भरोसे रहने को मजबूर हैं. अवगिल-रामपुर के रामजतन पासवान के मुताबिक जल जमाव के कारण बारिश के महीने में घर से निकलना भी कठिन हो जाता है. अवगिल-रामपुर पुवारी ढाला के रणवीर यादव के मुताबिक विकास का कोई काम नहीं हुआ. मुखिया कभी गांव की ओर रुख नहीं किये. इसी गांव के राजो यादव के मुताबिक पानी के निकास गांव की सबसे बड़ी समस्या है. यहां विकास का कोई काम नहीं हुआ. गांव में चापाकल नहीं है. आधा किलोमीटर दूर से लोग पानी लाने को मजबूर हैं. गांव के ही लूसो यादव के मुताबिक राशन कार्ड नहीं मिला. उनके पुत्र का नाम बीपीएल सूची से हटा दिया गया. क्या कहते हैं मुखियापंचायत के मुखिया अजय पासवान के मुताबिक उन्होंने उपलब्ध संसाधनों से पंचायत का विकास किया. पंचायत के तमाम लोगों के दुख-दर्द में उनके सहभागी बने. पंचायत की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग रहे. लोगों के बीच सहज उपलब्ध रहे और जनता की कसौटी पर खरा उतरने की कोशिश में लगे रहे.

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