रोजगार के लिए मजदूर कर रहे हैं पलायन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Apr 2015 9:26 AM

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मेदनीचौकी: प्रखंड के गोपालपुर पंचायत के रामनगर गांव की स्थिति इतनी दयनीय है कि लोगों का जीना दूभर हो गया है. अतिपिछड़ी जाति व अनुसूचित जाति के 200 परिवार इस गांव में बसते हैं. इसमें 55 परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है. 1500 आबादी वाले इस गांव की वार्ड सदस्या मीरा देवी के […]

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मेदनीचौकी: प्रखंड के गोपालपुर पंचायत के रामनगर गांव की स्थिति इतनी दयनीय है कि लोगों का जीना दूभर हो गया है. अतिपिछड़ी जाति व अनुसूचित जाति के 200 परिवार इस गांव में बसते हैं. इसमें 55 परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है. 1500 आबादी वाले इस गांव की वार्ड सदस्या मीरा देवी के अनुसार महज 11 लोगों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है. जबकि कई लोग पेंशन योजना के लाभ से वंचित है.

आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार व टेकहोम राशन का वितरण नहीं किया जाता है. कहने को तो गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र है किंतु जमीन के अभाव में भवन नहीं बन सका. सियाराम मंडल ने कहा कि गांव में एक ही सामुदायिक भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है जिसे गांव के ही एक दबंग व्यक्ति ने अपना भूसा घर बना रखा है. गांव में एक प्राथमिक स्कूल है जिसमें महज एक कमरा है वह भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित है. गांव के सभी बच्चे उसमें पढ़ नहीं पाते हैं. 20-25 बच्चे एक किलोमीटर दूर गोपालपुर गांव जाकर पढ़ाई करते हैं. जमीन के अभाव में स्कूल भवन नहीं बन पा रहा है. बच्चों को नियमित रूप से मिड डे मिल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. अपनी भूमि नहीं रहने के कारण करीब एक दर्जन खेतिहर मजदूर बटाई कर खेती करते हैं.

अधिकतर लोग मजदूर हैं. पेयजल के लिए 10 चापानल और दो कुआं है. जिसमें कभी ब्लीचिंग पाउडर नहीं डाला गया है. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लाभ से गांव की 10 नवविवाहिता वंचित हैं. मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना का लाभ ग्रामीण महिलाओं को नहीं मिला है. गांव को एनएच 80 से जोड़ने के लिए संपर्क पथ बना हुआ है लेकिन गांव की तीन गलियां कच्ची है. बरसात के दिनों में कमर भर पानी में घुस कर लोग एनएच 80 पर पहुंचते हैं. राजकुमार राम, महेश राम, महेंद्र मंडल, राजेंद्र मंडल आदि अब भी झोंपड़ी में रहने को मजबूर हैं.
कहती हैं मुखिया
मुखिया पिंकी देवी ने कहा कि गांव में करीब दो दर्जन लोगों को इंदिरा आवास आवंटित किया गया है. उन्होंने कहा कि गांव के हनुमान टोला में ईंट खरंजाकरण किया जा चुका है. बीआरजीएफ से पीसीसी का कार्य किया जायेगा. नाले का निर्माण कर जल-जमाव से निजात दिलाने के प्रयत्न में है.
आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं पूछा हालचाल
ग्रामीण रंजू देवी ने कहा कि राशन-केरोसिन समय पर नहीं मिलता है. दो माह में एक बार राशन-केरोसिन दिया जाता है. रेणु देवी ने कहा कि गांव में सांसद, विधायक या मुखिया कभी नहीं आये. गांव की समस्याओं को लेकर जिप प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह गंभीर है. गांव में पीसीसी सड़क निर्माण उनके द्वारा किया गया. धर्मवीर पासवान ने कहा कि गांव में नाली व शौचालय की कमी है. खुले में शौच करने को लोग विवश हैं. दूसरे के खेत में शौच करने पर किसानों की धौंस सहनी पड़ती है. मनरेगा के तहत गांव के मजदूरों को काम मांगने पर भी नहीं दिया गया और कुछ मजदूरों द्वारा किये गये काम की मजदूरी भी अभी तक नहीं मिली. दिनेश मंडल ने कहा कि पंचायती राज योजना से लाभ नहीं मिल सका. किसी भी पंचायत प्रतिनिधि ने यहां की सुधि नहीं ली. सियाराम मंडल ने कहा कि गांव में निकट से तार खींचे जाने से हादसे की आशंका बनी हुई है. बाबा चुहड़मल की पिंडी व मइयाथान में ग्रामीण पूजा अर्चना करते हैं. स्वास्थ्य सेवा लुंज-पुंज है. गांव में कभी कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं आते सिवाय पोलियो कर्मी के. गांव के लोग कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं. रोजगार की तलाश में शहर व दूसरे जगह का पलायन कर रहे हैं.
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