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महायज्ञ का गायत्री मंत्रों के साथ दी पूर्णाहुति

Updated at : 13 Dec 2025 10:10 PM (IST)
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महायज्ञ का गायत्री मंत्रों के साथ दी पूर्णाहुति

महायज्ञ का गायत्री मंत्रों के साथ दी पूर्णाहुति

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दिघलबैंक. अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से दिघलबैंक तुलसिया में आयोजित चार दिवसीय 24 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ शनिवार को हवन, प्रवचन, संगीत, संस्कार, महाप्रसाद व टोली की विदाई के साथ संपन्न हो गया. शुक्रवार को विभिन्न संस्कार के साथ संध्या वेला मे दीप महायज्ञ का आयोजन किया गया था. इसके पहले श्रद्धालुओं ने सुंदर रंगोली बनाकर दीपक सजाया. एक साथ हजारों दीपक जलते ही पूरा यज्ञशाला जगमगा उठा. शनिवार को गायत्री महायज्ञ के समापन दिवस के अवसर पर यज्ञ परिसर में बने 24 कुंड में सैकड़ों की संख्या में गायत्री परिवार के साधक, सदस्य व श्रद्धालुओं ने विश्व शांति के निमित गायत्री मंत्रों के साथ पूर्णाहुति दी. अंतिम दिन सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. इससे पूरा यज्ञ परिसर श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा. देवमंच के द्वारा यज्ञोपवित, मुंडन, नामकरण, पुंसवन, अन्नप्रासन, दीक्षा, विद्या आरंभ सहित कई संस्कार कराए गए जिसमें दर्जनों की संख्या में श्रद्धालु व बच्चों ने भाग लिया. शांतिकुंज हरिद्वार से आये राम तपस्या आचार्य, प्रमोद शास्त्री, अभय सिंह, शिवू मांडवी, धनश्याम ने यज्ञ कार्यक्रम में हवन एवं संस्कार कार्य को संपन्न कराया. यज्ञ के अंतिम दिन लोगों की यज्ञ स्थल पर भीड़ उमड़ पड़ी. इस अवसर पर प्रवचन करते हुए राम आचार्य ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं, जो गायत्री परिवार के साथ जुड़े हुए है. उन्होंने श्रीराम शर्मा आचार्य के सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए कहा कि गुरुदेव के विचार विश्व के कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने मां गायत्री की साधना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया. जीवन को सफल, सुखमय एवं शांतिमय बनाने के लिए पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के बताए गए सूत्रों को जीवन में अपनाना आवश्यक है. गायत्री साधना से सद्बुद्धि व मोक्ष की प्राप्ति के साथ जीवन सफल होता है. सारे संसारिक दुख-कष्ट दूर हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि गायत्री के सार को जीवन में अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि गुरुदेव का स्लोगन-हम बदलेंगे युग बदलेगा को आत्मसात करें. दूसरों का बदलाव न देखें और स्वयं में सतयुग जैसा बदलाव लायें तो युग स्वयं ही बदलता चला जायेगा. 21वीं सदी नारी शशक्तिकरण की है उन्होंने गुरुदेव का भजन- नारियां देश की जाग जाये अगर, तो युग स्वयं ही बदलता चला जायेगा गाना गाकर नारी शक्ति को युग परिवर्तन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. इसके बाद शांतिकुंज हरिद्वार की टोली के ऊपर पुष्पवर्षा की गई. गायत्री परिवार यज्ञ आयोजन समिति ने गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ताओं की लगन, निष्ठा और समर्पण के लिए मंत्र, अंगवस्त्र व तिलक लगाकर देवमंच से सम्मानित किया. विदाई के समय सभी की आंखें नम हो गई. चार दिन तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान से समूचा वातावरण वेद मंत्रों और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा. यज्ञ को सफल बनाने में त्रिलोक नाथ झा,समिति के अध्यक्ष विवेकानन्द ठाकुर शशिकांत झा, कामनी झा, गीता देवी, नीतीश रंजन, राजीव रंजन जिला संयोजक सौरभ कुमार, प्रखण्ड संयोजक नवीन कुमार मल्लाह, सह संयोजक कुष्पत राय, गौरीशंकर, त्रिमूर्ति, मदन कुमार सिन्हा, मनोज सिन्हा, संतोष कुमार, गणेश केदार नाथ, महेश ठाकुर, शंकर ठाकुर सहित सभी सक्रिय कार्यकर्ता भाई बहन सहित गायत्री परिवार के समस्त परिजन व स्थानीय लोग मौजूद थे.

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AWADHESH KUMAR

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