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एक्शन में रेल प्रशासन, एजेंसी को तत्काल कार्य करने से रोका, सैंपल की जांच का निर्देश

Updated at : 07 Jan 2025 8:37 PM (IST)
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एक्शन में  रेल प्रशासन, एजेंसी को तत्काल कार्य करने से रोका, सैंपल की जांच का निर्देश

ठाकुरगंज अररिया नए रेलखंड पर हो रहे विद्युतीकरण कार्य मे बड़े पैमाने पर अनियमितता बरते जाने के बाद रेलवे ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्य कर रही एजेंसी को तत्काल कार्य करने से रोक दिया है.

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ठाकुरगंज. ठाकुरगंज अररिया नए रेलखंड पर हो रहे विद्युतीकरण कार्य मे बड़े पैमाने पर अनियमितता बरते जाने से संबंधित समाचार प्रभात खबर में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद रेलवे ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्य कर रही एजेंसी को तत्काल कार्य करने से रोक दिया है. वहीं अब आगे की कार्रवाई के लिए टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इस बाबत डिप्टी सीईई निर्माण एनजेपी विश्वंभर नाथ ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद स्थल निरीक्षण के क्रम में ग्रामीणों ने जो आरोप लगाये है उसकी सत्यता जांच के बाद ही सामने आएगी इसलिए तत्काल उक्त एजेंसी को काम करने से रोक दिया गया है और रेलवे के गाइडलाइन के अनुसार खम्भा लगाने के लिए बनाये गए फाउंडेशन से सेम्पल लिए गए हैं.

क्या है मामला

ठाकुरगंज से अररिया के बीच निर्माणाधीन नए रेलखंड पर इन दिनों विद्युतिकरण कार्य जोरो से चल रहा है. इसके लिए पिलर लगाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे है. और उसमे सीमेंटेड फाउंडेशन बनाते हुए उसमे लोहे के खम्बे लगाये जायेंगे. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप था की विद्युतिकरण के लिए खोदे जा रहे गड्ढे से निकली मिटटी को ही ढलाई में इस्तेमाल किया जा रहा है. ग्रामीणों का विरोध इतना जोरदार रहा की उनकी बात मालीगांव तक पहुंची और एनऍफ़ रेलवे के जीएम कंस्ट्रक्शन ए के चौधरी ने तुरंत कार्यस्थल पर अधिकारियों को भेजा. डिप्टी सीईई निर्माण एनजेपी विश्वंभर नाथ ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की बाते सुनी और तुरंत सेम्पल को टेस्टिंग में भेजने का निर्देश दिया.

ग्रामीणों ने कहा की अन्य स्थलों की भी जांच

इस बाबत ग्रामीण अख्तर आलम कबीर आलम , नाजिम , मुजफ्फर आलम आदि ने बताया की जिस स्थाल पर विवाद हुआ था उस दौरान एक बार तो काम रोक दिया गया था और मजदुर चले गए थे लेकिन जेसे ही ग्रामीण वहां से हटे कार्य कर रही एजेंसी ने दूसरे जगह से मशाला लाकर वहां निर्माण कार्य पूरा कर लिया था जिससे सेम्पल सही हो सकता है. इसलिए अगल बगल के अन्य फाउंडेशन के भी सेम्पल की जांच होनी चाहिए.

ट्रैक बनाने में मेची नदी की बालू का हुआ इस्तेमाल

बताते चले ठाकुरगंज से अररिया के बीच नए रेल ट्रैक के निर्माण में स्थानीय नदियों से निकलने वाली गुणवत्ताहीन बालू का इस्तेमाल हुआ था. बड़े पैमाने पर मेची नदी से खनन कर रेलवे ट्रैक पर बिछाया गया था. ऐसी आशंका लोग व्यक्त कर रहे है कि जिस ट्रैक के इस्तेमाल में मिट्टी का इस्तेमाल होना था वहा नदियों की बालू का इस्तेमाल किया गया जिस कारण यह ट्रेक अभी भी मजबूत नहीं बन पाया है और शायद इसी कारण अब तक ट्रेनों का परिचालन शुरू भी नहीं हो पाया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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