सड़कों पर मकई सुखाने से बढ़ा हादसे का खतरा, राहगीर परेशान

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जिले के ग्रामीण इलाकों की सड़कें इन दिनों खलिहान में तब्दील होती नजर आ रही हैं

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किशनगंज जिले के ग्रामीण इलाकों की सड़कें इन दिनों खलिहान में तब्दील होती नजर आ रही हैं. चारों ओर सड़कों पर मकई फैला कर सुखाया जा रहा है, इतना ही नहीं बीच सड़क पर ही थ्रेसर से दौनी भी किया जा रहा है. जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. सुबह से लेकर देर शाम तक मुख्य सड़कें, ग्रामीण संपर्क पथ और बाजार क्षेत्र की सड़कें मकई से ढकी दिखाई देती हैं. इससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है. कई जगहों पर आधी से अधिक सड़क पर मकई फैला दी जाती है. मकई के दानों पर वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है. कई स्थानों पर छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है क्योंकि अंधेरे में दिखाई नहीं देती. कई जगह किसानों द्वारा सड़क किनारे लकड़ी और बांस लगाकर अस्थायी घेराबंदी भी कर दी जाती है, जिससे सड़क और संकरी हो जाती है. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है. किसानों का कहना है कि उनके पास मकई सुखाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. किसानों ने सरकार से गांवों में आधुनिक सुखाने केंद्र और भंडारण की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है. अधिकारियों ने लोगों से सड़क पर अनाज नहीं फैलाने की अपील की है. यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़े हादसे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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अवधेश कुमार

लेखक के बारे में

By अवधेश कुमार

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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