बालू व मिट्टी का अवैध खनन बदस्तूर जारी, माफियाओं की कट रही चांदी, टूट रही सड़के

Updated at : 01 Jun 2024 8:24 PM (IST)
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बालू व मिट्टी का अवैध खनन बदस्तूर जारी, माफियाओं की कट रही चांदी, टूट रही सड़के

ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र में अवैध बालू व मिट्टी के खनन का कारोबार फल फूल रहा है. पौआखाली सुखानी और जियापोखर थाना क्षेत्रों के विभिन्न बालू घाटों एवं नदी के किनारे से लगातार अवैध खनन जारी है.

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सरकार को राजस्व का हो रहा नुकसान पौआखाली(किशनगंज).ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र में अवैध बालू व मिट्टी के खनन का कारोबार फल फूल रहा है. पौआखाली सुखानी और जियापोखर थाना क्षेत्रों के विभिन्न बालू घाटों एवं नदी के किनारे से लगातार अवैध खनन जारी है. साथ ही खेतों से मिट्टी की कटाई भी लगातार जारी है. अवैध बालू की ढुलाई में ट्रैक्टरों से लेकर डंपर ट्रक जैसे भारी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. बताया जाता है कि पहले तो शाम ढलने के बाद बालू तस्कर इलाके में सक्रिय हुआ करते थें, लेकिन हाल के दिनों में दिन के उजाले में ही बालू तस्कर ट्रैक्टरों पर बालू लोड कर बेचने का धंधा को खुलेआम कर रहे हैं. बालू के अवैध कारोबारी पिछले कई महीनों में राज्य सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगा चुके हैं. राजस्व विभाग पूरी तरह इनपर नियंत्रण पाने में अब तक सफल नहीं हो पाया है. वहीं पुलिस बालू के अवैध खनन मामले में कार्रवाई के लिए खनन विभाग को जिम्मेवार बताकर अपना पल्ला झाड़ रही है. इन इलाकों में होता है

अवैध खनन

जिले के पौआखाली में पबना, सीमलबाड़ी, मीरभिट्ठा पुल के समीप, भौलमारा, मखनपुर, सुखानी थानाक्षेत्र में जमुना पूल, बारह पोठिया, साबोडांगी, रसिया साबोडांगी पीएमजीएसवाई रोड के समीप महानंदा नदी से, सूरीभिट्ठा, जियापोखर और गंधर्वडांगा थानाक्षेत्र सीमा में स्थित डोरिया पुल के नीचे से एवं अन्य कई स्थानों से बालू का होता है अवैध खनन. बालू घाटों में वाहनों की आवाजाही के दौरान टायरों की निशान इसके प्रत्यक्ष सबूत हैं.

25 सौ से 35 सौ रूपए प्रति ट्रॉली बिकता है बालू

यहां बता दें कि अवैध खनन कर चांदी काटने वाले बालू तस्करों के द्वारा गुप्त स्थानों पर पहले बालू की डंपिंग की जाती है फिर खरीददारों से प्रति ट्रॉली 25 सौ से लेकर 35 सौ रुपए में बेचा जाता है. यही नहीं बालू तस्कर बंगाल से बालू मंगवाकर लोकल बालू में मिक्सड कर एक ट्रॉली में तीन से चार हजार रुपए तक का सौदा कर मालामाल हो रहे हैं. सफेदपोश और स्थानीय प्रशासन के संरक्षण में यह कारोबार बंगाल से लेकर किशनगंज सहित सीमांचल तक फैला है.

बालू ढुलाई में शामिल ट्रैक्टर मालिक करते हैं मनमानी

बालू के अवैध ढुलाई में शामिल ट्रैक्टर मालिक और चालक की मनमानी ऐसी कि ये लोग अहले सुबह तीन बजे भोर से लेकर देर रात तक चोरी छिपे खनन करते हैं और तेज रफ्तार से गली मुहल्ले से लेकर भीड़ भाड़ वाली सड़कों पर ट्रॉली को प्लास्टिक से बिना ढके ही दिनभर दौड़ाते रहते हैं. अधिक कमाने की लालच की प्रवृति के चलते बालू तस्कर एक दिन में अधिक से अधिक खनन और बिक्री पर जोड़ देते हैं. ट्रैक्टरों की तेजगति से निर्बाध परिचालन की वजह से ध्वनि प्रदूषण सहित सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है.

खनन टीम की रैकी करते हैं बालू तस्कर

इलाके में बालू खनन करने वाले गिरोह बालू उठाव वाले घाटों के आसपास चौक- चौराहों पर तथा चाय पान आदि की दुकानों पर बैठकर तथा देर रात में चार चक्का वाहनों से खनन टीम की रैकी करते हैं ताकि वक्त रहते बालू खनन में लगे वाहन चालकों को इसकी सूचना देकर खनन विभाग की टीम की पकड़ से बचा जा सके.

ग्रामीण सड़कों को पहुंच रहा है नुकसान

बालू की अवैध खनन में शामिल ट्रैक्टर आदि वाहन के लगातार परिचालन ने नगर और पंचायतों में बने गली सड़कों के अलावे पीएमजीएसवाई और एमएमजीएसवाई सड़कों की सूरत बिगाड़कर रख दी है. बालू उठाव वाले घाटों से मुख्य सड़क पर चढ़ाई करने के दौरान ट्रैक्टरों के भार के दबाव से कई एक जगह की पक्की सड़क डैमेज हो चुकी है.

कृषि कार्य के बजाय ट्रालियों में मिट्टी की होती है ढुलाई

इन इलाकों में खासकर सुखानी थानाक्षेत्र में संचालित ईंटभट्ठों के द्वारा खेतों से लगातार मिट्टी की कटाई हो रही है. कृषि कार्य के बजाए ट्रैक्टर की ट्रालियों का इसके लिए उपयोग किया जा रहा है. प्रत्येक दिन इलाके में सैकड़ों ट्रालियां मिट्टी कृषि भूभाग से खनन कर ईंटभट्ठों में सप्लाई की जाती है. मिट्टी कटाई के अधिकांशतः मामले में खेत मालिकों या फिर ट्रैक्टर मालिकों के द्वारा खनन विभाग से अनुमति नहीं ली जाती है. हालांकि खनन विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे है. हालांकि जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग के द्वारा की छापेमारी के दौरान टीम को खनन माफियाओं का प्रतिरोध का सामना भी करना पड़ा है.

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