चिटफंड कंपनियों के कार्यालय में लटका ताला

Published at :16 Jul 2013 1:34 PM (IST)
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चिटफंड कंपनियों के कार्यालय में लटका ताला

* जमा धन निकालने गये निवेशकों को लौटना पड़ा खाली हाथकिशनगंज : जिले में चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों में कर्मचारियों द्वारा ताला जड़कर फरार हो जाने के बाद निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया है. मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों से भारी संख्या में निवेशक इन चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों पर उमड़ पड़े. परंतु […]

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* जमा धन निकालने गये निवेशकों को लौटना पड़ा खाली हाथ
किशनगंज : जिले में चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों में कर्मचारियों द्वारा ताला जड़कर फरार हो जाने के बाद निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया है.

मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों से भारी संख्या में निवेशक इन चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों पर उमड़ पड़े. परंतु इंफो केयर इंफ्रा लिमिटेड, रोज वैली, वेलोसिटी रूरल बैंक ऑफ इंडिया, प्रतिज्ञा ग्रूप, रेमेल इंडस्ट्रीज, नव ज्योति, साइन इंडिया, आर्या मास, ट्राइरिन, वारिस, लाइफ केयर, जाग्रता, भारत, जीवन दीप आदि कार्यालयों के मुख्य द्वारा पर लटका ताला उन्हें और परेशानी में डाल दिया. पेशे से रिक्शा चालक दुखन पासवान ने बताया कि अपनी बेटी की शादी के लिए मेहनत कर तथा अपना व अपने बच्चों का पेट काट कर रुपया जमा किया था.

इस घटना के बाद उन्हें अपनी बेटी की शादी करने की चिंता सता रही है. वहीं दिघलबैंक प्रखंड से आये जमालुद्दीन ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन ने इन कंपनियों को फरार होने का मौका दिया. उन्होंने कहा कि सारधा ग्रुप का भंडाफोड़ होने के बाद यदि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करती, तो शायद जिले में चलने वाले अवैध कंपनियों के गोरख धंधे काफी पहले ही उजागर हो गये होते. परंतु प्रशासन ने ऐसा न कर एक तरह से इन कंपनियों की मदद ही की है.

वहीं टेढ़ागाछ प्रखंड से आये नजीम ने कहा कि न तो मैं कंपनी को जानता हूं और ना ही जानना चाहता हूं. मैंन कंपनी में निवेश अपने एजेंटों के रकम सुरक्षित रहने के आश्वासन के बाद दिया था. उन्होंने बताया कि आज अगर कंपनी भाग जाती है, तो अपने रकम की वसूली वे अपने एजेंटों से कर लेंगे.

वहीं कोचाधामन से पहुंचे रकीब ने कहा कि एजेंट 15 से 45 प्रतिशत कमीशन की लोभ में भोले-भाले निवेशकों को मैच्यूरिटी उपरांत ज्यादा रकम दिये जाने का प्रलोभन दे झांसे में ले लेते है. निवेशकों द्वारा निवेशक किये जाने के साथ ही जहां एजेंटों को मोटा कमीशन मिल जाता है वहीं अच्छी खासी रकम इकट्टा हो जाने के बाद कंपनियां फरार हो जाती है.

वहीं स्थनीय निवेशक सतोष ने अपनी गाढ़ी कमाई के डूब जाने के उपरांत इनके खिलाफ स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज किये जाने की बात कही.
– कहते है एसपी
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने कहा कि मामले में दोषी पाये जाने वालों पर पुलिस आवश्यक कार्रवाई करेगी.

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