नाबालिग लड़कों ने थामा स्टेयरिंग, बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं, नहीं हो रही कार्रवाई
Updated at : 14 Mar 2019 7:18 AM (IST)
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कुर्लीकोट : पढ़ने के उम्र में आज सैकड़ों ऐसे नाबालिग ड्राइवर हैं. जिनका न तो लाइसेंस हैं और न ही किसी प्रकार की कोई अनुभव. वैसे लोग आज सड़कों पर बेधड़क वाहन तीव्र गति से दौड़ा रहे है. गरीबी और पिछड़ेपन का हाल कहे या पैसे कमाने की ललक या पेट भरने की भूख. पढ़ने […]
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कुर्लीकोट : पढ़ने के उम्र में आज सैकड़ों ऐसे नाबालिग ड्राइवर हैं. जिनका न तो लाइसेंस हैं और न ही किसी प्रकार की कोई अनुभव. वैसे लोग आज सड़कों पर बेधड़क वाहन तीव्र गति से दौड़ा रहे है. गरीबी और पिछड़ेपन का हाल कहे या पैसे कमाने की ललक या पेट भरने की भूख.
पढ़ने की उम्र में वाहन की स्टेयरिंग पकड़ रहे है. अधिकांश मामले ग्रामीण इलाके की है. वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों पर कई नौसिखिये ड्राइवर के हाथों में वाहनों की स्टेयरिंग रहती हैं.
जो तेज रफ्तार के साथ सड़कों पर गाड़ी चलाता है. कम उम्र के ड्राइवरों का स्टेयरिंग पर कमान नहीं रहता है. फिर, भी नोसिखिए ड्राइवर भीड़-भाड़ वाले इलाके में भी तेज रफ्तार से गाड़ी चलाता हैं. ऐसे में सड़कों पर चलने वाले लोगो को भी परहेज करने और सावधानी बरतने की जरूरत हैं.
वहीं, नाबालिग लड़कों का तेज गति से गाड़ी चलाना कई लोगो को हैरत में डालता है. किंतु, तीव्र गति से चलती गाड़ी को देख लोग खुद को बचाने में ही भलाई समझते हैं. खासकर हाइवे पर ऐसे नजारे रोज देखे जाते हैं. जहां अधिकांशतः किशोरावस्था के ड्राइवर गाड़ी चलाते देखे जाते हैं.
नौसिखिये ड्राइवर से बढ़ रहा सड़कों पर खतरा
हाइवे चालक लोड वाहन तो स्वयं चलाते है लेकिन अनलोड करने के बाद गाड़ी की स्टेयरिंग नवसिखुए को थमा देते है. जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. यही, स्थिति ट्रेक्टर एवं टेंपो के चालकों के साथ भी है.
ट्रैक्टर पर अधिकांशतः नोसिखिए ड्राइवर ही ट्रैक्टर चलाते नजर आते हैं. जिसके कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं. जिले से लेकर प्रखंड में कई ऐसी घटनाएं पूर्व में घटित हो चुकी हैं.
आजकल तो नये शौक के रूप में बाप का बेटे को ड्राइवर बनाने के प्रति ऐसा जुनून भी देखने को मिला है कि ट्रैक्टर और पीकअप का ड्राइवर बनकर गाड़ी चलाते देख खुश इतने होते हैं कि फुले नही समाते. लेकिन, दुर्घटना घटित होने का हरपल खतरा बढ़ता जा रहा है.
नहीं हो रही कोई कार्रवाई
नोसिखिये के हाथ में स्टेयरिंग तो हैं. लेकिन, लाइसेंस नही हैं. उसके खिलाफ न तो पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही हैं और ना ही परिवहन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही हैं. ऐसी हालत में अनाड़ी ड्राइवरों का मनोबल बढ़ा हुआ हैं. कई नाबालिग ड्राइवर भी सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे है. लेकिन, कार्रवाई को न तो पुलिस व प्रशासन आगे आ रही है और न ही परिवहन विभाग.
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