ePaper

परबत्ता में शरद पूर्णिमा आज, भगवान श्रीराम मंदिर में विशेष पूजन व भजन-कीर्तन

Updated at : 05 Oct 2025 10:01 PM (IST)
विज्ञापन
परबत्ता में शरद पूर्णिमा आज, भगवान श्रीराम मंदिर में विशेष पूजन व भजन-कीर्तन

परबत्ता में शरद पूर्णिमा आज, भगवान श्रीराम मंदिर में विशेष पूजन व भजन-कीर्तन

विज्ञापन

अतिप्राचीन भगवान श्रीराम मंदिर खजरैठा में लगा श्वेत व्यंजन का भोग

16 कलाओं से युक्त चंद्रमा की अमृतमयी किरणों से खीर बनती है विशेष, प्राचीन परंपरा के तहत मंदिर में श्वेत भोग अर्पण व रात्रिकालीन पूजा

फोटो कैप्सन. श्रीराम मंदिर

परबत्ता. परबत्ता प्रखंड में आज शरद पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जाएगा. यह पर्व रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इसको लेकर क्षेत्र में भक्तों के बीच विशेष उत्साह देखा जा रहा है. जगद्गुरु रामानुजाचार्य, श्री रामचंद्राचार्य परमहंस व स्वामी आगमानंद महाराज ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार वर्ष भर में केवल शरद पूर्णिमा की रात ही ऐसी होती है जब चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होता है. इस रात चंद्रमा की किरणों को अमृत के समान माना गया है. मान्यता के अनुसार, इस दिन घरों में दूध की खीर बनाकर उसे चंद्रमा की रोशनी में खुली जगह पर रखा जाता है. मान्यता है कि चंद्रमा की किरणें जब खीर पर पड़ती हैं, तो वह कई गुणों से भरपूर और औषधीय हो जाती है, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. इसी पावन अवसर पर परबत्ता प्रखंड के अतिप्राचीन भगवान श्रीराम मंदिर में भी विशेष आयोजन किया जाएगा. वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, आज शाम विशेष पूजन के साथ-साथ श्वेत व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा. रात्रि में मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु भाग लेंगे व भक्ति रस में डूबकर श्रीराम का गुणगान करेंगे.

पूरे मास की जाती विष्णु भगवान के दामोदर रूप की पूजा

संसारपुर गांव निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर ने बताया कि पंचांग के अनुसार कार्तिक मास वर्ष का आठवां महीना होता है. कार्तिक स्नान मंगलवार से शुरू हो रहा है. हिंदू धर्मग्रंथों में कार्तिक मास को धार्मिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है. कार्तिक मास का शुभ काल आश्विन शुक्ल पूर्णिमा से शुरू होता है, जिसे शरद पूर्णिमा भी कहा जाता है. आश्विन पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक, यह महीना सांसारिक सुखों का त्याग कर धार्मिक कार्यों में संलग्न होने के लिए समर्पित है. कार्तिक मास को भगवान विष्णु के अवतार का महीना माना जाता है. शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक मास को स्वयं भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. इस महीने में करवा चौथ, हनुमान जयंती, दिवाली, छठ, चित्रगुप्त पूजा, काली पूजा, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, कार्तिक पूजा और आंवला नवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार आते हैं. पूरे महीने भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. आकाश में तारे दिखाई देने पर स्नान करना. पीपल, बरगद और आंवले जैसे पवित्र वृक्षों पर प्रसाद चढ़ाना शुभ माना जाता है. यह महीना सुहागिन महिलाओं व लड़कियों के लिए महत्वपूर्ण है. सुख, सौभाग्य, समृद्धि और संतान की प्राप्ति के लिए कार्तिक मास में स्नान, पूजा व व्रत करना चाहिए. कार्तिक मास में दीप जलाने का विशेष महत्व है. इस मास में प्रतिदिन मंदिरों, गौशालाओं, तुलसी के पौधों, रसोई और आंगन में दीप जलाने से समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है. कार्तिक मास में घर-घर में महिलाएं पूजा-अर्चना करती हैं. इस पूरे मास में भगवान विष्णु की दामोदर रूप में पूजा की जाती है. कार्तिक मास में देवी लक्ष्मी के लिए दीप जलाए जाते हैं.

शरद ऋतु का सौंदर्य: प्रकृति में घुलती नयी रंगत व सेहत का उपहार

इस महीने में प्रकृति अपने नए रूप, रंग और सुगंध के साथ निखर उठती है. यह वह समय होता है जब गर्मी की विदाई व ठंड की आहट एक साथ महसूस होती है. वातावरण में हल्की ठंडक बढ़ने लगती है. मौसम शीत ऋतु की ओर बढ़ रहा होता है. सुबह-सुबह खेतों में जब ओस की बूंदें घास व फसलों पर मोती की तरह चमकती हैं, तो वह दृश्य प्रकृति की अनुपम कला को दर्शाता है. मानो धरती ने अपने ऊपर श्वेत रत्नों की चादर ओढ़ ली हो. इन ओस की बूंदों को निहारना व उन पर नंगे पांव चलना केवल एक सुंदर अनुभव ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत लाभकारी माना गया है. मान्यताओं और वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, सुबह ओस से भीगे घास पर नंगे पांव टहलने से नेत्र-ज्योति तेज होती है. साथ ही शरीर में ऊर्जा का संचार होता है. मानसिक रूप से भी शांति मिलती है. इस अभ्यास से रक्त संचार बेहतर होता है, तनाव कम होता है, और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है. यही कारण है कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा में इसे एक महत्वपूर्ण दिनचर्या माना गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHORE SINGH

लेखक के बारे में

By RAJKISHORE SINGH

RAJKISHORE SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन