अनुमंडलीय अस्पताल में 8 वर्षों से जमें हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित स्वास्थ्यकर्मी

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अनुमंडलीय अस्पताल में 8 वर्षों से जमें हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित स्वास्थ्यकर्मी

दिनों बाद भी स्वस्थ विभाग द्वारा तबादला नहीं किया गया है.

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प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी 8 वर्ष, चिकित्सक व एएनएम 6 वर्षों से अस्पताल में है तैनात

तबादला बाद फिर पैरवी के दम पर अनुमंडलीय अस्पताल में किया गया तैनात

गोगरी. एक ही जगह दस साल से जमें रहने के कारण स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी चरम पर है. स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी से मरीज व अभिभावक परेशान हैं. शायद, अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक, एएनएम, जीएनएम सहित पदाधिकारी का तबादला करना ही स्वस्थ विभाग भूल गए हैं. जिससे कई चिकित्सक, एएनएम व जीएनएम अस्पताल में वर्षों से अपना सिक्का जमाएं हुए हैं. अनुमंडलीय अस्पताल में आधे दर्जन से अधिक एएनएम व चिकित्सक बीते लगभग आठ से जमे हुए हैं. अस्पताल में अधिक दिनों तक जमे रहने के कारण गुट बना कर मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित चिकित्सक व एएनएम वर्षों से हैं डटे

अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक, एएनमए व जीएनएम के जमें होने के आकंड़े पर नजर डाली जाए, तो उसमें से एक दर्जन से अधिक स्वास्थ्य कर्मी 8 वर्षों से अस्पताल में डटे हैं. लेकिन, इतने दिनों बाद भी स्वस्थ विभाग द्वारा तबादला नहीं किया गया है. बताया जाता है कि अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत एएनएम रीता कुमारी, कुसुमलता, पिंकी, रानी आदि बीते छह वर्षों से डटे हैं. चिकित्सक डॉ. शोभा रानी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी चन्द्र प्रकाश बीते 2016 से अस्पताल में तैनात हैं. जबकि डॉ. प्रदीप कुमार साहू, डॉ. आयुष कुमार, डॉ. अभिषेक आनंद सहित अन्य चिकित्सक बीते पांच साल से अनुमंडलीय अस्पताल में तैनात हैं. स्वास्थ्य कर्मी आपस में समन्वय बनाकर ड्यूटी से गायब रहते हैं.

जीएनएम को भेजा गया अन्य अस्पताल, पैरवी के दम पर फिर अनुमंडलीय अस्पताल में है तैनात

बताया जाता है कि अनुमंडलीय अस्पताल में आधे दर्जन से अधिक डॉक्टर व एक दर्जन जीएनएम की तैनाती है, जहां आये दिन अनुमंडलीय अस्पताल अपने कारनामे से सुर्खियों में रहता है. चाहे मनमाने तरीके से ड्यूटी करने की बात हो या मरीज से प्रसव के नाम पर पैसा लेने का हो. अस्पताल में प्रसव के नाम पर पैसा मांगने व कार्य में लापरवाही से मरीज की मौत को लेकर कई जीएनएम कर्मियों पर विभाग द्वारा कार्रवाई भी की गयी है, जिसमे कई लोगों को निलंबित करते हुए जिले के अन्य अस्पताल में भेज दिया गया. लेकिन, अपने पैरवी व पावर से कई लोग अभी भी अनुमंडलीय अस्पताल में ही जमे हैं. मालूम हो कि सरकारी कर्मचारी तीन वर्षों तक ही एक जगह तैनात रह सकते हैं.

कहते हैं प्रभारी

अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि हमें इसकी जानकारी है. कई वर्ष से डॉक्टर व जीएनएम के अनुमंडलीय अस्पताल में जमे हैं. तबादला के लिए विभाग को पत्र भेजा जायेगा. तबादला होने से किसी भी संस्था का माहौल ठीक रहता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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राजकिशोर सिंह

लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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