गोगरी अनुमंडल का 35वां स्थापना दिवस आज, सज-धजकर तैयार हुआ परिसर

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 16 May 2026 2:55 PM

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महेशखूंट थाना

खगड़िया का ऐतिहासिक गोगरी अनुमंडल आज अपना 35वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसके लिए परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है. हालांकि, तीन दशक बाद भी उप-कारा, ट्रेजरी और ज्यूडीशियल कोर्ट जैसी सुविधाएं न होने से स्थानीय लोगों में टीस बरकरार है.

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गोगरी (खगड़िया) से रणवीर झा की रिपोर्ट. ‘गोगृह’ के नाम से विख्यात गोगरी की ऐतिहासिक धरती हमेशा से जिले में अग्रणी भूमिका निभाती रही है. बढ़ते गौरव के साथ गोगरी अनुमंडल आज अपनी स्थापना का 35वां वर्षगांठ मना रहा है. इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए गोगरी एसडीओ (SDO) संजय कुमार के निर्देश पर पूरे अनुमंडल परिसर को आकर्षक होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर और खूबसूरत रंगोली से बेहतरीन ढंग से सजाया गया है.

बता दें कि गोगरी, परबत्ता एवं बेलदौर सहित तीन प्रखंडों और एक नगर परिषद क्षेत्र को समेटे इस गोगरी अनुमंडल की स्थापना आज ही के दिन 16 मई 1992 को हुई थी. परंतु, स्थापना के 34 वर्ष बीत जाने के बाद भी गोगरी अनुमंडल को आज तक मुकम्मल अनुमंडलीय संरचना नसीब नहीं हो सकी है. स्थापना के बाद जैसे-तैसे अनुमंडल कार्यालय तो आरंभ कर दिया गया और बाद में अनुमंडल न्यायालय की स्थापना भी हुई, लेकिन आज तक इस अनुमंडल को न तो अपना स्थायी सरकारी भवन मिला है और न ही अन्य महत्वपूर्ण अनुमंडलीय सुविधाएं.

अनुमंडलीय सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे लोग

स्थापना के साढ़े तीन दशक (35वें वर्ष) में प्रवेश करने के बाद भी गोगरी अनुमंडल में कई बुनियादी और महत्वपूर्ण विभागों का अभाव है, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है:

  • महत्वपूर्ण सुविधाओं की कमी: अनुमंडल में अब तक ज्यूडीशियल कोर्ट (न्यायिक अदालत), उप-कारा (जेल), ट्रेजरी (कोषागार) और रिकॉर्ड रूम (अभिलेखागार) जैसी अनिवार्य सुविधाएं बहाल नहीं हो सकी हैं.
  • जिला मुख्यालय की दौड़: इन मूलभूत सुविधाओं के न होने के कारण गोगरी, परबत्ता और बेलदौर प्रखंड के वासियों को छोटे-छोटे न्यायिक कार्यों, ट्रेजरी से जुड़े कामों या कागजी दस्तावेजों के लिए आज भी 25 से 40 किलोमीटर दूर खगड़िया जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है.

स्थानीय बुद्धिजीवियों और आम जनता का कहना है कि स्थापना दिवस मनाना गौरव की बात है, लेकिन सरकार और प्रशासन को गोगरी को उसका वास्तविक अधिकार देते हुए सभी लंबित अनुमंडलीय ढांचों का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराना चाहिए.

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