बिना जांच के फालतू दवाई देने के मामले में से स्पष्टीकरण

Published by :RAJKISHORE SINGH
Published at :13 Nov 2025 10:37 PM (IST)
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बिना जांच के फालतू दवाई देने के मामले में से स्पष्टीकरण

बीमारी के अनुसार दवाई नहीं देने का लगाया आरोप

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गोगरी. अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी में बीमारी का वास्तविक कारण जाने बिना और जरूरी दवाओं को छोड़कर चिकित्सक द्वारा बिना जरूरत वाली दवा लिखे जाने की शिकायत के मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने डॉक्टर से स्पष्टीकरण पूछा है. इस मामले को विगत 9 नवंबर को प्रभातखबर में प्रमुखता से प्रकाशित शीर्षक “मरीजों ने चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों पर लगाया मनमानी का आरोप” खबर छपने के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्रप्रकाश ने महिला चिकित्सक डॉक्टर शोभा रानी प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग पत्र जारी कर किया है. और पत्र प्राप्ति के दो दिनों के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया है. क्या है मामला बता दें की उक्त चिकित्सक के द्वारा सामान्य बीमारी में भी जरूरत से अधिक दवाएं लिखे जाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को गोगरी थाना क्षेत्र के पितोंझिया निवासी देवेन्द्र यादव नें अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्रप्रकाश को लिखित आवेदन देकर डॉक्टर शोभा रानी प्रसाद के खिलाफ शिकायत किया था और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग किया था. बीमारी के अनुसार दवाई नहीं देने का लगाया आरोप अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्रप्रकाश को पितोंझिया निवासी देवेन्द्र यादव ने दिए लिखित आवेदन में बताया है की वह अपनी पत्नी मीरा देवी को शनिवार को दोपहर में अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी में दिखाने लाई थी उनके पत्नी के पूरे शरीर में दिनाई और चिता-चिता निशान थे जिसको लेकर उन्होंने डॉक्टर शोभा रानी प्रसाद से दवाई लिखने के लिए कहा. लेकिन शोभा रानी ने बताये गये बीमारी की दवाई नहीं लिखकर अन्य कई बीमारी का दवाई लिख दिया. जब इसकी शिकायत प्रभारी से भी किया तो उसके बाद भी डॉक्टर शोभा रानी प्रसाद ने दिनाई और चिता-चिता निशान का दवाई नहीं दिया और झल्लाकर डांटते हुए उल्टा-पुल्टा बोलकर अस्पताल से भगाने लगी. आखिरी उम्मीद होती है सरकारी अस्पताल बता दें की गरीब और कमजोर मरीज की सरकारी अस्पताल ही वो आखिरी उम्मीद होती है जहां मरीज अपना इलाज करवाने जाते है यदि वहां भी मरीजों के बीमारी का इलाज करने में डॉक्टर शोभा रानी प्रसाद जैसे वरीय चिकित्सक से ही लापरवाही होने लग जाए तब लोगों का अस्पताल से विश्वास ही उठ जायेगा. आपको बता दे की अस्पतालों में बीमारी का वास्तविक कारण जानने के लिए आवश्यक जांच कराए बिना ही दवा लिखी जा रही है. सामान्य बीमारी में भी जरूरत से अधिक दवाएं लिखी जा रही है. कुछ मामलों में आधी-अधूरी दवा चिकित्सक लिख दे रहे हैं जिसको लेकर कई बार मरीज और परिजन में नोक-झोंक भी हुई है. कहते हैं प्रभारी एक मरीज के परिजन के द्वारा लिखित आवेदन देकर डॉक्टर शोभा रानी प्रसाद के खिलाफ लिखित आवेदन देकर शिकायत किया गया है. मामले में महिला चिकित्सक डॉक्टर शोभा रानी से स्पष्टीकरण की मांग किया गया है. जवाब मिलने के बाद वरीय पदाधिकारी को सूचित करते हुए उचित विभागीय कार्रवाई किया जायेगा. डॉक्टर चंद्रप्रकाश अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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