गबन के आरोपी को स्थानांतरण कर बचाया

निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मामला मध्य विद्यालय कमरी से जुड़ा हुआ है. इस विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक मो शमसेर अली के विरूद्ध जिला मध्याह्न भोजन प्रभारी चन्द्रशेखर शर्मा ने एमडीएम मद में 55 हजार गबन के मामले प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. जिसके बाद प्रधान शिक्षक मो अली को निलंबित कर […]
निरीक्षण के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. मामला मध्य विद्यालय कमरी से जुड़ा हुआ है. इस विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक मो शमसेर अली के विरूद्ध जिला मध्याह्न भोजन प्रभारी चन्द्रशेखर शर्मा ने एमडीएम मद में 55 हजार गबन के मामले प्राथमिकी दर्ज करवायी थी. जिसके बाद प्रधान शिक्षक मो अली को निलंबित कर दिया गया,
लेकिन आरोपी प्रधानध्यापक को बचाने के लिए विभाग ने सारे नियम कायदे ताक पर रख दिये. डीइओ डॉ ब्रज किशोर सिंह के निर्देशानुसार डीपीओ स्थापना ने मो अली का निलंबन तोड़ कर दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण तक कर दिया. पूरे मामले में लीपापोती की नीयत से स्थानांतरण किया गया है.
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उस विद्यालय में यूनिट भी नहीं रहने के बावजूद मो अली का स्थानांतरण किस परिस्थति में किया गया? बिना स्वीकृत यूनिट के शिक्षा विभाग के अधिकारी ने स्थानांतरण कर गबन के आरोपी शिक्षक को बचाने की कोशिश क्यों की. इस स्कूल को आठ अतिरिक्त कमरा निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में विद्यालय को 15 लाख 88 हजार 330 रुपये आवंटन दिया गया था. स्थानांतरण के बाद विद्यालय का भवन निर्माण अधूरा छोड़ संबंधित शिक्षक मजे से दूसरे विद्यालय में नौकरी कर रहे हैं.
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