खगड़िया : संसारपुर रेलवे ढाला पर ट्रेन व बाइक की टक्कर होने से ठीक पहले सवारी से लदी ऑटो ने रेल लाइन पार किया था. अगर थोड़ी सी देर होती तो ट्रेन-ऑटो की टक्कर में कई लोगों की जान जा सकती थी. यह दावा है घटना के प्रत्यक्षदर्शी सदानंद भगत का. श्री भगत ने बताया कि राजेश अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ अपनी बाइक पर ऑटो के पीछे पीछे ढाला पर पहुंचा था.
उनकी आंखों के सामने सवारी से लदी ऑटो ने रेलवे ढाला पार किया था. जिसके बाद ढाला पार करने के दौरान राजेश की बाइक की ट्रेन की टक्कर हो गयी.
घटना के बाद अंजना हो गयी थी बेहोश जमालपुर से दो अलग अलग बाइक से राजेश व उनके साढू सदानंद खगड़िया स्थित अपने-अपने घर के लिये निकले थे. राजेश को संसारपुर ढाला पार कर अपने गांव जाना था तो सदानंद परमानंदपुर ढाला होकर शहर स्थित अपने घर आ रहे थे.
घटना के वक्त करीब दो गज की दूरी पर उनकी बाइक थी. अचानक ट्रेन से राजेश की बाइक की टक्कर होते देख मेरी पत्नी अंजना बेहोश हो गयी. वह पहले से हाई ब्लडप्रेशर की मरीज है. उसे होश में लाने के बाद दौड़ वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि ढाला गिरा कर ट्रैक मैन भाग रहा था. उन्होंने बताया कि घटना के वक्त ढाला खुला हुआ था.
लड़खड़ा कर गिर गये राजेश घटना के बाद कोमल चिल्ला रही थी कोई मेरे बेटे को उठा कर ला दो तो उनके पति राजेश उठने की कोशिश की लेकिन वह लड़खड़ा कर गिर गये.
जिसके बाद मौके पर मौजूद रामगंज निवासी रोशन कुमार ट्रेन से टक्कर बाद दूर जा गिरे दस वर्षीय प्रियांशु को उठा कर कोमल के हाथों में सौंपा था. इसी बीच मौका पाकर ढाला गिराने के बाद ट्रैक मैन भाग निकला.
दस मिनट के अंदर पहुंची पुलिस सदानंद ने बताया कि वह तो शुक्र था दस मिनट के अंदर मुफस्सिल थाना पुलिस पहुंच गयी. जिसके बाद घायलों को पुलिस गाड़ी से सदर अस्पताल में भरती करवाया गया. अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो शायद रिया जिंदा नहीं होती.
राजेश के साढू श्री भगत ने कहा कि डॉक्टर भी बता रहे थे कि अगर समय पर प्राथमिक चिकित्सा नहीं मिलती तो बच्ची की जान बचाना मुश्किल होता. बता दें कि घटना में रिया के पेट, सिर सहित शरीर के कई अंगों में गंभीर चोट आई है. सदर अस्पताल में इलाज के बाद उसे बेगूसराय स्थित निजी क्लिनिक में तीन दिनों तक आईसीयू में रखा गया.
फिलहाल वह आईसीयू से बाहर है. रेलवे को भुगतना होगा गलती की सजा इधर, राजेश भगत की पत्नी कोमल ने रेलवे अधिकारी को सबक सिखाने का एलान करते हुए कहा कि घटना में मैंने बेटा खोया है.
दस वर्षीय प्रियांशु घर का इकलौता चिराग था. अगर रेलवे ढाला बंद होता तो हादसा ही नहीं होता. कोमल ने कहा कि घटना के तुरंत बाद पहुंची पुलिस ने उठा कर सदर अस्पताल में भरती करवाया फिर वहां से रेफर होने के बाद बेगूसराय में इलाजरत हैं. रेलवे द्वारा पति पर हो हंगामा का मुकदमा किये जाने से व्यथित कोमल ने कहा कि जल्द ही कोर्ट में सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम, सीनियर सेक्शन इंजीनियर सहित अन्य रेल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा किया जायेगा.
बता दें कि घटना बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर द्वारा घायल राजेश सहित चार को नामजद सहित अज्ञात पर हो हंगामा कर सात घंटे तक रेलवे परिचालन बाधित करने का मुकदमा दर्ज कराया है. जबकि घटना के लिये पूरी तरह राजेश को दोषी बताते हुए रेलवे को क्लीनचिट दे दिया गया.
रेलवे के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोरचा रेलवे के रवैये के खिलाफ संसारपुर के ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोरचा खोलने का एलान किया है. सोमवार को ग्रामीणों ने बैठक कर एक स्वर में घटना बाद रेल प्रशासन की भूमिका पर रोष प्रकट करते हुए इसकी शिकायत रेलमंत्री सहित वरीय अधिकारियों को करने का एलान किया है. साथ ही रेलवे द्वारा राजेश सहित अन्य पर दर्ज करायी गयी प्राथमिकी को झूठा करार दिया.

