कब तक भटकते रहेंगे आंख के मरीज

सदर अस्पताल में नहीं हैं एक भी नेत्र चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं नेत्र सहायक इलाज के नाम पर हो ही है खानापूर्ति प्रतिनिधि, खगडि़यामरीजों की सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा सदर अस्पताल में सौ शय्या अस्पताल का निर्माण कराया गया. सौ शय्या अस्पताल का भवन देखते ही बनता है. पर, सच्चाई यह […]
सदर अस्पताल में नहीं हैं एक भी नेत्र चिकित्सक मरीजों का इलाज कर रहे हैं नेत्र सहायक इलाज के नाम पर हो ही है खानापूर्ति प्रतिनिधि, खगडि़यामरीजों की सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा सदर अस्पताल में सौ शय्या अस्पताल का निर्माण कराया गया. सौ शय्या अस्पताल का भवन देखते ही बनता है. पर, सच्चाई यह है कि कई विभाग में एक भी चिकित्सक नहीं हैं. इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. साफ सफाई के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं. इसके बावजूद चिकित्सक नहीं रहने से सभी खर्च बेकार हो रहे हैं. सौ शय्या अस्पताल के मात्र नेत्र विभाग की स्थिति से सभी विभाग का अंदाजा लगाया जा सकता है. नेत्र विभाग में बीते एक साल से एक भी चिकित्सक नहीं हैं. कहने को तो अत्याधुनिक भवन व उपकरण से सौ शय्या अस्पताल सुसज्जित है, लेकिन चिकित्सक नहीं रहने से सब खर्च बेकार साबित हो रहे हैं.नहीं हैं चिकित्सक सौ शय्या अस्पताल के नेत्र विभाग में नेत्र चिकित्सक नहीं हैं. नेत्र चिकित्सक नहीं रहने के कारण मरीज नेत्र सहायक से अपना इलाज कराने को विवश हैं. हालांकि सदर अस्पताल में एक भी नेत्र से पीडि़त मरीजों का इलाज नहीं किया गया है. भाड़े के डॉक्टर से मात्र 46 नेत्र मरीजों का इलाज करवाया गया है. कहते हैं उपाधीक्षक सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ मीरा सिंह ने बताया कि एक चिकित्सक थे. वे बीआरएस ले लिये. चिकित्सकों की मांग की गयी है. जल्द ही नेत्र विभाग में चिकित्सक को प्रतिनियुक्त किया जायेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










