राशि की जगह पोशाक बांटने के मामले में डीपीओ को मिली नोटिस

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
  • गोगरी सीडीपीओ से लेकर एलएस व कई सेविका कार्रवाई के घेरे में
  • जांच में गड़बड़ी प्रमाणित होने पर पीजीआरओ ने की डीएम से कार्रवाई की अनुशंसा
खगड़िया : विभाग के आदेश की अनदेखी कर बच्चों के बीच पोशाक की राशि के बजाय छात्रों के बीच घटिया किस्म के पोशाक वितरण करने के मामले में कई आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविका, एलएस सहित सीडीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई तय मानी जा रही है. विभागीय सूत्र पोशाक योजना की राशि के बंदरबांट का मामला गोगरी प्रखण्ड से सामने आया है. बताया जाता है कि यहां सैंकड़ों बच्चों को पोषाक योजना के तहत मिलने वाले चार सौ रुपये की जगह दो से ढाई सौ रुपये का कपड़ा बच्चों के बीच बांट दिया गया.
इधर जांच में अनियमितता/विभागीय आदेश की अनदेखी किये जाने की बातें सामने आने के बाद लोक शिकायत एडीएम भूपेन्द्र यादव ने डीपीओ (आईसीडीएस) को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है. एडीएम भूपेन्द्र यादव ने बताया कि गोगरी प्रखण्ड के कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों के बीच पोशाक राशि के वितरण में बरती गई अनियमितता के मामले में डीपीओ को नोटिस जारी कर उनसे रिपोर्ट मांगा है. कहा कि डीपीओ से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जायेगी. मालूम हो कि रुपये की जगह को कपड़ा दिया गया है. इधर गोगरी सीडीपीओ के जिला मुख्यालय से बाहर रहने के कारण उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है.
अनियमितता हुई है प्रमाणित
बता दें कि जांच में यह बातें साफ हो चुकी है कि गोगरी प्रखंड के कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोशाक योजना राशि वितरण में वरीय पदाधिकारी के आदेश की अनदेखी की गई है. जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय के पूर्व इस मामले की सुनवाई अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालय गोगरी में हुई थी.
सूत्र बताते हैं कि सुनवाई के दौरान पीजीआरओ मो० शफीक के आदेश के बाद प्रखण्ड स्तरीय तीन सदस्यीय जांच टीम के द्वारा कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जांच की गई. जांच के दौरान इन केन्द्र पर नामांकित कई बच्चों के अभिभावक ने जांच पदाधिकारी को यह बताया कि उनके बच्चे को राशि नहीं, बल्कि पोशाक दी गई.
बता दें कि सुनवाई के दौरान गोगरी सीडीपीओ के प्रतिनिधि के रुप में भाग ले रहे एलएस लगातार यह झूठी जानकारी देते रहे कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषाक नहीं बच्चों के बीच राशि बांटी गई. लेकिन सुनवाई पदाधिकारी के सामने वे इस बात को प्रमाणित करने में असफल रह गई. वहीं जांच के बाद यह साफ हो गया कि गोगरी के कई केन्द्रों पर गलत मंशा से बच्चों को राशि नहीं पोशाक खरीदकर बांटे गये.
17 को एडीएम करेंगे सुनवाई
जानकारी के मुताबिक पोशाक योजना की राशि के बंदरबांट में शामिल रहे आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका से लेकर एलएस व गोगरी सीडीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में दायर अपील पर सुनवाई शुरू हो गयी है. सूत्र बताते हैं कि इस मामले की सुनवाई 17 फरवरी को होगी. सुनवाई में लोक प्राधिकार/डीपीओ को रिपोर्ट के साथ तलब किया गया है.
जानकारी के मुताबिक पोशाक योजना की राशि के बंदरबांट में शामिल रहे आंगनबाड़ी केन्द्र की सेविका से लेकर एलएस व गोगरी सीडीपीओ के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में दायर अपील पर सुनवाई शुरू हो गयी है. सूत्र बताते हैं कि इस मामले की सुनवाई 17 फरवरी को होगी. सुनवाई में लोक प्राधिकार/डीपीओ को रिपोर्ट के साथ तलब किया गया है.
गोगरी प्रखंड स्थित कई आंगनबाड़ी केन्द्रों पर विभागीय आदेश के विपरीत बच्चों के बीच राशि की जगह घटिया किस्म के पोशाक का वितरण किये जाने के संबंध में दायर अपील पर उन्होंने सुनवाई शुरू कर दी है. 17 फरवरी को इस मामले की सुनवाई होगी. नोटिस जारी कर डीपीओ (आईसीडीएस)को रिपोर्ट के साथ सुनवाई में रहने को कहा गया है.
भूपेन्द्र प्रसाद यादव, एडीएम लोक शिकायत.
अनियमितता की शिकायत मिलने पर तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया. जांच टीम के समझ प्रखंड स्थित आंगनबड़ी केन्द्र संख्या क्रमशः 227, 215, 220, 221 तथा 219 पर नामांकित कई बच्चों के अभिभावक ने यह लिखित बयान दिया है कि उनके बच्चों को राशि की जगह सिला-सिलाया वस्त्र दिया गया.
वहीं सुनवाई के दौरान लोक प्राधिकार/प्रतिनिधि इस बात का प्रमाण नहीं दे पाए कि बच्चों को पोशाक खरीदने के लिये राशि दी गई थी. जांच में विभाग के आदेश की अनदेखी सहित बच्चों के बीच राशि की जगह पोशाक का वितरण किये जाने की बातें प्रमाणित हो जाने के बाद संबंधित पदाधिकारी एवं दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा जिला पदाधिकारी से की गई है.
मो शफीक, पीजीआरओ गोगरी.
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