गरबा नृत्य हमारी संस्कृति से जुड़े रहने का माध्यम: पूनम प्रभात

Updated at : 27 Sep 2025 7:42 PM (IST)
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गरबा नृत्य हमारी संस्कृति से जुड़े रहने का माध्यम: पूनम प्रभात

गरबा नृत्य हमारी संस्कृति से जुड़े रहने का माध्यम: पूनम प्रभात

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कुरसेला सुरेश्वर नगर देवीपुर स्थित सीबीएसई एफिलिएटेड प्लस टू सुतारा मेंहीं मिशन स्कूल कुरसेला में नवरात्रि पर गरबा व डांडिया का आयोजन हुआ. शुभारंभ विद्यालय निदेशक प्रभात कुमार सिंह निर्देशिका पूनम प्रभात व प्राचार्य सत्यजीत सिंह के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मां दुर्गा की पूजा अर्चना व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. डांडिया कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. डांडिया नृत्य में भाग लेने वाले छात्र छात्रा पारंपरिक परिधानों में मोहक सुंदर दिख रहे थे. विद्यालय के निदेशक प्रभात कुमार सिंह व निर्देशिका पूनम प्रभात के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ डांडिया नृत्य में भागीदारी निभाया. विद्यालय निदेशक ने कहा कि गरबा हमारी संस्कृति का अभिन्न और जीवंत हिस्सा है. नवरात्रा उत्सव हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. देवी शक्ति के आराधना का प्रतीक है. गरबा डांडिया नृत्य ने राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाया है. यूनेस्को ने इसे सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दिया है. दशहरा पर यह नृत्य हमारी संस्कृति से जुड़े रहने का एक माध्यम हैं.

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