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डीएम ने तीन घंटे तक सदर अस्पताल का किया निरीक्षण, खामियां पकड़ी लगायी फटकार

Updated at : 05 Feb 2026 8:12 PM (IST)
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डीएम ने तीन घंटे तक सदर अस्पताल का किया निरीक्षण, खामियां पकड़ी लगायी फटकार

डीएम ने तीन घंटे तक सदर अस्पताल का किया निरीक्षण, खामियां पकड़ी लगायी फटकार

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कटिहार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है या नहीं, इसकी हकीकत जानने के लिए जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले इस निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल की विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया. कई खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कड़ी फटकार लगायी. निरीक्षण की शुरुआत डीएम ने अस्पताल पहुंचते ही आईसीयू वार्ड से की. यहां स्टोर रूम में बेकार सामान व कचरा पड़ा देख वे नाराज हो गये और अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई व प्रबंधन में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया. उन्होंने आईसीयू की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए पूछा कि आईसीयू सेवा पूरी तरह सुचारु क्यों नहीं है. आईसीयू चालू करने को लेकर कमी को दूर करने को लेकर विभाग से बात करेंगे इस पर जोर दिया. इसके बाद डीएम ने ओपीडी का निरीक्षण किया. डॉक्टरों का रोस्टर बाहर प्रदर्शित नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जतायी और निर्देश दिया कि किस दिन कौन डॉक्टर उपलब्ध है. इसकी पूरी सूची अपडेट कर मरीजों के लिए बाहर लगाया जाय. ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मरीजों को अनावश्यक परेशानी न हो. डॉक्टरों की कमी को लेकर उन्होंने मेडिकल कॉलेज के पीजी डॉक्टरों की नाइट ड्यूटी लगाने का भी निर्देश दिया. जिससे मरीजों को चौबीसों घंटे बेहतर सेवा मिल सके. डीएम ने एक्स-रे, दवा वितरण केंद्र, मरीज वार्ड और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली. उन्होंने ओपीडी में इलाज की प्रक्रिया, मरीजों के साथ व्यवहार और सेवा की गुणवत्ता पर भी अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की. माइक्रोबायोलॉजी लैब का निरीक्षण करते हुए डीएम विशेष रूप से सख्त नजर आये. लैब मशीन बंद मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायी और कहा कि जब पर्याप्त मशीनें मौजूद हैं तो मरीजों को जांच सुविधा से वंचित क्यों रखा जा रहा है. जांच रिपोर्ट में अनियमितताओं को लेकर भी डीएम ने गंभीर सवाल उठाया. महिलाओं के हीमोग्लोबिन जांच की रिपोर्ट लगभग समान पाए जाने पर उन्होंने रिपोर्ट की सत्यता पर संदेह जताया. लैब टेक्नीशियन को कड़ी फटकार लगायी. उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व वैज्ञानिक तरीके से होनी चाहिए. ताकि मरीजों को सही इलाज मिल सके. मौके पर जिला पदाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन पर भी बिफरे उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है. अस्पताल में मरीजों को क्या सेवा मिल रही है क्या कमी है. इसके बारे में अस्पताल प्रशासन को सख्त होना होगा. निरीक्षण के दौरान डीएम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए बताया कि एक डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष टीम का गठन किया गया है. जो जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेगी. प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र का महीने में कम से कम दो बार निरीक्षण सुनिश्चित किया जायेगा. ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके. जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी खामियों को जल्द दूर कर मरीजों को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाय. निरीक्षण के दौरान एडीएम विनोद कुमार, सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अशा शरण, डीपीएम डॉ किसलय कुमार, प्रबंधक चंदन कुमार सिंह के साथ कई डॉक्टर विभाग के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे.

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By RAJKISHOR K

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