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बैंक की शाखा खुलवाने को लेकर 2.60 लाख रुपये की ठगी, साइबर ठग गिरफ्तार

दोनों साइबर ठग के निकले पाकिस्तान से कनेक्शन, देश के कई लोगों का दस्तावेज पहुंचा पाकिस्तान

कटिहार. साइबर थाना में दर्ज एक कांड के मामले में साइबर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में सागर थाना पुलिस ने पटना में छापेमारी कर एक महिला व एक पुरुष साइबर ठग को गिरफ्तार किया है. इस संदर्भ में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष सद्दाम हुसैन ने मंगलवार को साइबर थाना में प्रेस वार्ता कर बताया कि कुरसेला थाना क्षेत्र के अयोध्यागंज निवासी वंदना देवी ने साइबर थाना में लिखित आवेदन दिया. इसमें पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके मोबाइल नंबर पर अलग-अलग नंबरों से कॉल आया और उससे कहा कि सेंट्रल बैंक का मिनी ब्रांच आपको दिला देंगे. इसके लिए आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा. पीड़िता साइबर ठग के जाल में फंस गयी थी. दूसरी ओर से जो भी डॉक्यूमेंट उससे मांगा जाता, उसे वह उपलब्ध कराती रही. पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15200 रुपये की मांग की गयी. इसके बाद ओडी खाता खुलवाने, एनओसी, केवाइसी, जीएसटी के नाम पर कल 260995 रुपये उसके द्वारा भेजे गये खाता नंबर पर ट्रांसफर कर दिया. उसके बाद भी उसे मिनी ब्रांच नहीं मिला. जब महिला ने ऑनलाइन इसकी जांच की तो वह फर्जी निकला. महिला की शिकायत पर साइबर थाना कांड संख्या 37/23 धारा 419, 420, 467, 468 आईपीसी और 66 सी 66 डी आईटी एक्ट के तहत कांड दर्ज कर साइबर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी.

एक महिला व एक पुरुष साइबर ठग को किया गिरफ्तार

पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि उक्त कांड को तकनीकी अनुसंधान व वैज्ञानिक विधि से उपलब्ध मोबाइल नंबर का जांच की गयी, तो इसका तार पश्चिम चंपारण में मिला. इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक साजिद आलम, महिला सिपाही चांदनी कमारी, कुमारी निशा, सिपाही सत्यनारायण पाल सुमित राज, हवलदार दानिश चौकीदार रोशन के साथ-साथ कदम कुआं थाना गश्ती दल के साथ पटना में छापेमारी की. इस दौरान साइबर पुलिस ने कांड के अप्राथमिकी अभियुक्त नेस्ताक आलम पिता काजिम मियां, पुराना टोला वार्ड नंबर छह जोकटिया थाना मंझोलिया पश्चिम चंपारण निवासी एवं ईशा कुमारी पिता स्व गुड्डू प्रसाद चौधरी, नौरगिया थाना मधुबन पूर्वी चंपारण बिहार निवासी को गिरफ्तार कर लिया.

गिरफ्तार अपराधियों का निकला पाकिस्तान कनेक्शन

साइबर पुलिस ने जब अपराधियों की गिरफ्तारी की तथा उसके सामान को खंगाला तो अपराधियों का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया. अपराधियों के पास विभिन्न बैंक के एटीएम कार्ड, मोबाइल से करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन का सैकड़ों बैंक खाता का विवरण, आधार पैन कार्ड व 100 से ज्यादा बैंकिंग कर कोड से कैश का ट्रांजेक्शन का साक्ष्य प्राप्त हुआ. इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात कि पाकिस्तान संपर्क वाले अनेकों वर्चुअल मोबाइल नंबर प्राप्त हुए हैं, जिससे यह पता चलता है कि इन अपराधियों के संपर्क पाकिस्तान साइबर अपराधियों से था. उनके साथ मिलकर देश में साइबर ठगी व दस्तावेज आदान प्रदान कार्य करता था.

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