बारसोई बाजार में बहुमंजिले कपड़े की दुकानों में सुरक्षा इंतजाम नहीं

Edited by RAJKISHOR K
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आग से बचाव को लेकर जिले के बारसोई बाजार की हकीकत प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है. बारसोई बाजार स्थित सब्जी हट्टी व आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में आग से बचाव के पर्यापत व्यवस्था नहीं हैं

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प्रशासन चला रहा फायर सेफ्टी अभियान

– लेकिन बारसोई बाजार की कई बड़ी दुकानों में नियमों की खुलेआम अनदेखी

कटिहार के बारसोई से रिपोर्ट,

दिल्ली के मुजफ्फरपुर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जहां बारसोई अनुमंडल प्रशासन लगातार फायर सेफ्टी को लेकर बैठक कर रहा है वहीं होटल, नर्सिंग होम, स्कूल, विवाह भवन एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर ऑडिट कराने का निर्देश दे रहा है. बारसोई बाजार की हकीकत प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है. बारसोई बाजार स्थित सब्जी हट्टी एवं आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में कई पुराने बहुमंजिला कपड़ा प्रतिष्ठान संचालित हैं. प्रतिदिन सैकड़ों ग्राहकों की भीड़ जुटती है. लोगों का आरोप है कि इनमें से कई दुकानों में अग्नि सुरक्षा के न्यूनतम मानकों तक का पालन नहीं किया जा रहा है. कई भवन पुराने हैं, निकास मार्ग सीमित हैं और आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण भी नजर नहीं आते.

मिनटों में हो सकती है भयावह स्थिति

नागरिकों का कहना है कि कपड़ा व्यवसाय आग की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में यदि किसी कारणवश आग लग जाए तो कुछ ही मिनटों में स्थिति भयावह हो सकती है. बाजार की संकरी गलियां, भीड़भाड़ और आसपास स्थित रिहायशी मकान खतरे को और बढ़ा देते हैं. लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले सैकड़ों परिवार भी गंभीर संकट में पड़ सकते हैं. ध्यान देने वाली बात है कि हाल ही में एसडीओ राजू कुमार ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों, नर्सिंग होम संचालकों, क्लीनिक संचालकों एवं अन्य संस्थानों के साथ बैठक कर फायर ऑडिट व सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. बाजार के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं.

लोग बोले – बाजार क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाने की आवश्यकता

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल बैठकों और निर्देशों तक सीमित रहने के बजाय बाजार क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया जाए. बहुमंजिला कपड़ा दुकानों, बड़े गोदामों और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का तत्काल फायर ऑडिट कराया जाए तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. लोगों का कहना है हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते खतरे की पहचान कर उसे दूर किया जाए. यदि प्रशासन अभी भी नहीं चेता तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना पूरे बाजार और आसपास के रिहायशी इलाके के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है.

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