सड़क सुरक्षा सप्ताह में यातायात की उड़ायी जा रही धज्जियां

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कटिहार : सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी सहित ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को यातायात का पाठ पढ़ा रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर वाहन चालक चल रही सड़क सुरक्षा सप्ताह की भी धज्जियां उड़ाने में किसी प्रकार का कसर नही छोड़ते. नाबालिगों की मोटरसाइकिल सड़कों पर फर्राटे भरती दिखती है. घर से निकलते […]

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कटिहार : सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर जिला परिवहन पदाधिकारी सहित ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को यातायात का पाठ पढ़ा रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर वाहन चालक चल रही सड़क सुरक्षा सप्ताह की भी धज्जियां उड़ाने में किसी प्रकार का कसर नही छोड़ते.

नाबालिगों की मोटरसाइकिल सड़कों पर फर्राटे भरती दिखती है. घर से निकलते समय कुछ ऐसे मोटरसाइकिल भी दिख जाते हैं, जिसे कोई नाबालिग चला रहा है और उसकी मोटरसाइकिल की स्पीड शहरी क्षेत्रों में चालीस से पचास की बीच रहती है. जब इतनी तीव्रता से मोटरसाइिकल चलाये तो कोई उसे किस प्रकार नियंत्रण कर सकता है. अंतत: वह गाड़ी सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाता है. और जिस वाहन या व्यक्ति को टक्कर लगती है उसकी भी स्थिति कुछ बदतर ही हो जाती है. इसके अलावे ऑटो सहित मोटरसाइकिल पर ओवर लोडिंग की जाती है. ट्रकों में भी ओवरलोडिंग का खेल व्यापक रूप से होता है. तो फिर इस प्रकार की कार्यक्रम को आयोजित कर जिला प्रशासन अपनी ही किरकिरी करने में जुटी रहती है.
नाबालिगों के द्वारा फर्राटेदार मोटरसाइकिल चलाने को लेकर बीते दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग के द्वारा दुर्घटना की घटना किये जाने पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने यह कहा कि अगर नाबालिग मोटरसाइिकल चलाते हैं और उस घटना के बाद किसी की दुर्घटना हो जाती है, तो ऐसे मामले में सिर्फ उस नाबालिग पर ही नहीं उनके अविभावक पर भी मामला दर्ज होना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर चेकिंग के क्रम में पुलिस किसी नाबालिग को मोटरसाइिकल ड्राइव करते देखते हैं, तो ऐसे मामले में उससे जुर्माना साथ उसके परिजनों पर भी न्यायिक संगत कार्रवाई की जाये. तो फिर ऐसे मामले में जिला परिवहन विभाग मौन क्यों धारण किये हुए है. जिले के कुछ चर्चित सरकारी व निजी स्कूलों में भी छात्र मोटरसाइकिल का उपयोग धरल्ले से करते है. हालांकि इन प्रकरण में उनके अविभावक की तो सौ फीसदी गलती तो है ही. लेकिन जिस स्कूल के छात्र है वहां के प्रबंधक की भी काफी गलतियां है. ऐसे मामले में प्रबंधक को चाहिए कि नाबालिग को अपने मोटरसाइिकल से स्कूल आने की परमिशन ही न दे.
एक दर्जन से भी अधिक नाबालिग की मौत सड़क दुर्घटना में : जिले की बात की जाये तो बीते कुछ माह में सड़क हादसा में एक दर्जन से भी अधिक नाबालिग की मौत हो चुकी है. बीते माह पूर्व कटिहार सहायक थाना के समीप डिवाइडर से मोटरसाइकिल टकराने की वजह से एक नाबालिग की मौत हो गयी थी. बीते एक जनवरी को आजमनगर थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में एक नाबालिग की मौत, फलका थाना क्षेत्र व कोढ़ा में भी सड़क हादसा में नाबालिग की मौत की घटना घट चुकी है. बावजूद न जिला प्रशासन मामले में एहतियातन कदम उठाता है न ही नाबालिग के परिजन ही इन घटनाओं से सबक लेते हैं.
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