कटिहार में मोहर्रम में बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस, प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

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बारसोई में मोहर्रम पर्व को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक को संबोधित करते एसडीओ राजू कुमार एवं उपस्थित अधिकारी व जनप्रतिनिधि

Muharram 2026: मोहर्रम से पहले प्रशासन अलर्ट. बिना लाइसेंस जुलूस पर रोक, डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित. सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई.

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बारसोई (कटिहार) से अरविन्द गुप्ता की रिपोर्ट

Muharram 2026: मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए बारसोई अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में आयोजित शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने साफ कर दिया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही बिना लाइसेंस किसी भी जुलूस को अनुमति नहीं दी जाएगी.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीओ राजू कुमार ने कहा कि सभी जुलूसों में खलीफा का नाम दर्ज कराना अनिवार्य होगा. संबंधित अखाड़ा समितियों को सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी. उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में छोटे गैस सिलेंडर के उपयोग पर रोक रहेगी और करबला व अखाड़ा स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों के सेवन की अनुमति नहीं होगी.

Muharram 2026: डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध

एसडीपीओ अजय कुमार ने कहा कि मोहर्रम भाईचारे और अनुशासन का पर्व है. इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और सभी अखाड़ा समितियों को संबंधित थाना से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा. बिना लाइसेंस कोई भी जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा.

सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर

बैठक में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी सख्त चेतावनी दी गई. एसडीपीओ ने कहा कि भड़काऊ, आपत्तिजनक या समाज विरोधी पोस्ट, फोटो और वीडियो साझा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की साइबर टीम सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष नजर रखेगी.

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खतरनाक करतबों पर रोक, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

प्रशासन ने मोहर्रम के दौरान खतरनाक करतबों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. साथ ही प्रत्येक करबला में पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सूचना का त्वरित आदान-प्रदान किया जा सके. रात्रि में अखाड़ों में पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया.

बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखने की अपील की.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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