प्रभात पड़ताल: पांच महीने से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय वद्यिालय में लटक रहा है ताला, अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा से वंचित होंगी छात्रायें, भवष्यि अंधकारमय

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प्रभात पड़ताल: पांच महीने से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में लटक रहा है ताला, अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा से वंचित होंगी छात्रायें, भविष्य अंधकारमय फोटो-14 कैप्सन-विद्यालय में लटका रहा ताला सूरज गुप्ता, कटिहारजिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से कटिहार प्रखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बठेली में पांच महीने से ताला लटक रहा है. […]

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प्रभात पड़ताल: पांच महीने से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में लटक रहा है ताला, अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा से वंचित होंगी छात्रायें, भविष्य अंधकारमय फोटो-14 कैप्सन-विद्यालय में लटका रहा ताला सूरज गुप्ता, कटिहारजिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से कटिहार प्रखंड अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बठेली में पांच महीने से ताला लटक रहा है. इस विद्यालय की एक छात्रा की मौत के बाद जांच के नाम पर अब तक विद्यालय में पठन-पाठन ठप है, जबकि 26-28 अक्तूबर तक राज्य सरकार ने अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है. अगर एक दो दिन में विद्यालय नहीं खुलता है तो इस विद्यालय में अध्ययनरत आदिवासी व वंचित समुदाय की 100 छात्राएं परीक्षा से वंचित हो जायेंगी. परीक्षा से वंचित होने के बाद उनका भविष्य भी अंधकारमय हो जायेगा. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है. उल्लेखनीय है कि मई में इस विद्यालय की अध्ययनरत आदिवासी छात्रा की मौत हो गयी थी. इसपर विद्यालय प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया था. हंगामे के बाद डीएम ने उप विकास आयुक्त मुकेश पाण्डेय को मामले की जांच करने का आदेश दिया था. साथ ही डीएम ने जांच पूरी होने तक विद्यालय को बंद रखने का निर्देश भी दिया था. डीएम के आदेश पर 16 मई से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बंद पड़ा हुआ है. अब तक नहीं हुई है किसी तरह की कार्रवाईविद्यालय की छात्रा की मौत के बाद डीडीसी को जांच की जिम्मेदारी डीएम ने दी थी. जानकारी के मुताबिक डीडीसी द्वारा जांच रिपोर्ट भी सौंप दी गयी है, लेकिन पिछले पांच महीने में जांच रिपोर्ट के आधार पर न तो किसी तरह की कार्रवाई हुई और न ही विद्यालय को खोला गया. विद्यालय फिलहाल वीरान पड़ा हुआ है. बताया जाता है कि जांच के नाम पर अब तक विद्यालय बंद रखा गया है. इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं. उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा प्रत्येक प्रखंड में आदिवासी व वंचित समाज की लड़कियों के लिए आवासीय विद्यालय के रूप में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की स्थापना की गयी है. यह है मामलामई में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बठेली में अध्ययनरत आदिवासी छात्रा की मौत हो गयी थी. मौत के बाद हंगामा हुआ था. लोगों के आक्रोश को देखते हुए जिला पदाधिकारी ललन जी ने छात्रा की मौत के मामले की जांच की जिम्मेदारी डीडीसी को दी. उसी समय यानी 16 मई से जांच पूरी होने तक विद्यालय को बंद कर दिया गया. विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं अपने-अपने घर चली गयीं. पांच महीने बीतने के बाद भी अब तक न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गयी और न ही जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा किसी तरह की कार्रवाई ही की गयी है. अब तक जांच के नाम पर विद्यालय में ताला लटक रहा है. जानकारी के मुताबिक डीडीसी ने जांच रिपोर्ट काफी पहले सौंप दी है.परीक्षा से वंचित होंगी छात्राएंइस बीच शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक विद्यालय के बच्चों के सीखने की क्षमता जांचने के लिए राज्यभर में 26-28 अक्तूबर को अर्द्धवार्षिक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित कर रहा है. इस परीक्षा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के बच्चों को भी सम्मिलित होना है. माना जा रहा है कि अगर एक दो दिन के भीतर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बठेली का ताला नहीं खुला, तो यहां पढ़ने वाली आदिवासी एवं वंचित समाज की 100 छात्राएं परीक्षा से वंचित हो जायेंगी.कहते है डीडीसीउप विकास आयुक्त मुकेश पाण्डेय ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बठेली में छात्रा के मौत के मामले की जांच करने की जिम्मेदारी डीएम ने उन्हें दी थी. मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंप दी गयी है. कहते हैं डीएमजिला पदाधिकारी ललन जी ने बताया कि 26-28 अक्तूबर तक होने वाली परीक्षा में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बठेली की छात्राएं सम्मिलित होंगी. इसके लिए स्थानीय शिक्षा विभाग से जानकारी लेकर पहल की जायेगी.

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