न्याय की आस में बाढ़पीड़ित उम्मीद . मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज आयेंगे कटिहार

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सीएम नीतीश कुमार आज कटिहार आ रहे हैं. ऐसे में कई नेताओं द्वारा बाढ़ राहत सूची में हुई अनियमितता की जानकारी उन तक पहुंचाने की तैयारी है. वहीं बाढ़पीड़ितों में भी मुख्यमंत्री के आने से राहत मिलने की आस जगी है. कटिहार : जिले में बाढ़ आने के बाद प्रशासन द्वारा राहत सहायता (जीआर) के […]

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सीएम नीतीश कुमार आज कटिहार आ रहे हैं. ऐसे में कई नेताओं द्वारा बाढ़ राहत सूची में हुई अनियमितता की जानकारी उन तक पहुंचाने की तैयारी है. वहीं बाढ़पीड़ितों में भी मुख्यमंत्री के आने से राहत मिलने की आस जगी है.

कटिहार : जिले में बाढ़ आने के बाद प्रशासन द्वारा राहत सहायता (जीआर) के लिए बनायी गयी सूची में व्यापक अनियमितता को लेकर विरोध के स्वर फूटने लगे हैं. गुरुवार को समाजवादी नेता व पूर्व सांसद युवराज बाबू के श्राद्धकर्म में हिस्सा लेने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कटिहार आ रहे हैं. ऐसे में कई नेताओं द्वारा बाढ़ राहत सूची में हुई अनियमितता की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की तैयारी भी चल रही है. हालांकि बाढ़ राहत सूची में अनियमितता को लेकर लोगों द्वारा मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों को भी आवेदन दिया गया था. पर, अब तक कोई पहल नहीं हुई है.
त्योहार की वजह से लोग हैं शांत
इधर जिला प्रशासन बाढ़ राहत सूची के अनुसार राशि लाभुकों के खाते में शीघ्र भेजने को लेकर अपनी पीट थपथपा रहा है, जबकि राहत सूची को लेकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में बवाल मचा हुआ है. दशहरा व मुहर्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन रुका हुआ है. मुहर्रम के बाद बाढ़ राहत सूची अनियमितता के विरोध में फिर से धरना-प्रदर्शन किये जाने की तैयारी चल रही है. गुरुवार को मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर ऐसे लोगों में उम्मीद भी जगी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ राहत सूची में हुई अनियमितता को दूर करने की दिशा में पहल करेंगे. जिले में बाढ़ आने के बाद प्रशासन द्वारा प्रभावित प्रखंडों में बाढ़ सहायता राशि दिये जाने को लेकर जो सूची तैयार की गयी है,
उसमें कई तरह की खामियां साफ दिख रही हैं. प्रशासन द्वारा बनायी गयी सूची पर गौर करें, तो ऐसा प्रतीत होता है कि बाढ़ का पानी उछल-उछल कर लोगों के घरों में प्रवेश किया है. तात्पर्य यह है कि बनाये गये बाढ़ राहत सूची में जिन गांवों को बाढ़ से प्रभावित दिखाया गया है, उसी गांव के कुछ लोगों का नाम सूची में दर्ज नहीं है. प्रभावित गांव के लोगों का सूची में नाम दो घर, चार घर छोड़ कर जोड़ा गया है. इससे साफ जाहिर होता है कि बाढ़ का पानी एक घर में प्रवेश किया है, जबकि उससे सटे घर को छोड़ कर दूसरे घर में प्रवेश किया है. कई प्रखंडों के बाढ़ राहत सूची को देखने से ऐसा लगता है कि चारा घोटाला के क्रम में जिस तरह पशुओं को मोटरसाइकिल व स्कूटर से ले जाया गया था, उसी तरह कटिहार जिले में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में उछल-उछलकर गया है.
जिनके घर में पानी नहीं घुसा उनका नाम भी सूची में
खासकर बाढ़ प्रभावित प्रखंड प्राणपुर, कदवा, बलरामपुर, बारसोई, डंडखोरा आदि में लोग प्रखंड कार्यालय सहित अन्य स्थलों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे स्थानों पर मुहर्रम के बाद धरना प्रदर्शन व सड़क जाम सहित अन्य गतिविधियों की तैयारी चल रही है. उल्लेखनीय है कि महानंदा व गंगा नदी के उफान की वजह से दो चरणों में बाढ़ आयी. जिससे लाखों की आबादी प्रभावित हुयी. महानंदा नदी के बाढ़ से जिले के सात प्रखंड प्रभावित हुए, जबकि गंगा नदी के उफान से आधा दर्जन प्रखंड प्रभावित हुए.
महानंदा नदी के बाढ़ से जो प्रखंड प्रभावित हुए हैं, वहां सर्वेक्षण के बाद बाढ़ राहत सूची तैयार कर आरटीजीएस के माध्यम से प्रत्येक लाभुक 6000 रुपये भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. वहीं गंगा नदी के बाढ़ के बाद प्रभावित प्रखंडों में लाभुकों के सर्वे का काम चल रहा है. इस बीच महानंदा नदी के बाढ़ से प्रभावित प्रखंडों में मुफ्त सहायता (जीआर) के लिए बनायी गयी सूची में व्यापक अनियमितता सामने आ रही है. बाढ़ राहत सूची में ऐसे-ऐसे लोगों का नाम है जिनके घरों में बाढ़ का पानी घुसा ही नहीं. डंडखोरा, प्राणपुर, कदवा आदि प्रखंडों में बाढ़ राहत सूची में व्यापक अनियमितता सामने आयी है.
76.34 करोड़ का हुआ है आवंटन
महानंदा नदी के बाढ़ से जिन सात प्रखंडों के लोग प्रभावित हुए थे. उसके लिये विभाग से राशि भी आवंटित हुई है. जिला आपदा प्रबंधन प्रशाखा के अनुसार महानंदा से आयी बाढ़ को लेकर बाढ़ सहायता राशि के मद में कुल 76, 34, 58, 000 रूपये प्राप्त हुये हैं. जिसमें से 74,60,22,000 रूपये प्रभावित सातों अंचल को आवंटित कर दी गयी है. आपदा प्रबंधन प्रशाखा के अनुसार बलरामपुर प्रखंड के 13 पंचायत अंतर्गत 89 गांव के 18056 परिवार प्रभावित हुये हैं.
वहीं बारसोई प्रखंड के 22 पंचायत के 156 गांव के 24670 परिवार, डंडखोरा प्रंखड के पांच पंचायत के 36 गांव में 4099, आजमनगर में 12 पंचायत के 49 गांव में 15267, कदवा के 29 पंचायत के 212 गांव के 48480, प्राणपुर के 12 पंचायत के 85 गांव के 7014 तथा अमदाबाद के 14 पंचायत के 35 गांव के 6872 परिवार को बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में रखा गया है. यानि कुल सात प्रखंड के 107 पंचायत 660 गांव के तहत 124458 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
केस स्टडी-1
बाढ़ राहत सूची में व्यापक अनियमितता को लेकर प्राणपुर, कदवा, डंडखोरा, बलरामपुर, बारसोई आदि प्रखंडों में पिछले दिनों धरना प्रदर्शन लोगों द्वारा किया गया. इन प्रखंडों में अब तक सूची में सुधार नहीं किया गया है. आक्रोशित लोग दशहरा व मुहर्रम के बाद फिर से आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं.
केश स्टडी-2
डंडखोरा दक्षिण टोला के मोती रजक व दर्जनों लोगों ने डीएम सहित कई अधिकारियों को आवेदन देकर बाढ़ राहत सूची में हुई अनियमितता की जांच की मांग की थी. श्री रजक ने बताया कि राहत सूची में क्या जांच हुई है, अब तक कोई जानकारी नहीं है. बाढ़ राहत की संशोधित सूची भी जारी नहीं की गयी है.
डंडखोरा में सूची नहीं हुई सार्वजनिक
डीएम के आदेश पर एसडीओ सुभाष नारायण ने अनियमितता की शिकायत पर बाढ़ राहत सूची जांच करने का दावा किया है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि एसडीओ द्वारा जांच करने के बाद बाढ़ राहत सूची सार्वजनिक नहीं की गयी है. द्वाशय के उप मुखिया मनोज कुमार मंडल ने बताया कि सूची सार्वजनिक नहीं किये जाने से लोगों में ऊहापोह की स्थिति है.
इस बीच जानकारी मिली है कि एसडीओ की जांच के बाद सूची को बैंक को भेज दिया गया है. बैंक को सूची के आधार पर लाभुकों के खाते में आरटीजीएस की राशि भेजने का निर्देश दिया गया है.
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