अधौरा में सूखे जलस्रोत, पानी के अभाव में पशुपालकों का पलायन शुरू

Published by : VIKASH KUMAR Updated At : 07 Apr 2026 4:34 PM

विज्ञापन

मैदानी इलाकों की ओर कूच कर रहे पशुपालक, चार महीने बितायेंगे खानाबदोश जीवन.

विज्ञापन

मैदानी इलाकों की ओर कूच कर रहे पशुपालक, चार महीने बितायेंगे खानाबदोश जीवन. लाखों की लागत से बने डैम में बूंद भर पानी नहीं, जांच की उठी मांग. अधौरा. प्रखंड के विभिन्न गांवों में पानी के घोर अभाव के कारण पशुपालकों का पलायन शुरू हो गया है. पशुपालक अपने पशुओं को लेकर अगले चार महीनों के लिए मैदानी इलाकों की ओर जा रहे हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति यह है कि नदी व पुराने जलस्रोत पूरी तरह सूख चुके हैं. हालांकि, लघु सिंचाई विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से बड़े-बड़े चेक डैम का निर्माण कराया गया है, लेकिन भीषण गर्मी में इन डैंप में एक बूंद पानी भी नहीं टिक पा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों व बिचौलियों की मिलीभगत से बिना उपयुक्त जगह देखे ही एस्टीमेट बना दिया गया है. कई स्थानों पर पुराने बांधों पर ही थोड़ी मिट्टी डालकर योजना को फाइनल कर दिया गया. यदि जिला प्रशासन इस योजना की निष्पक्षता से जांच कराता है, तो अनियमितता के कई बड़े मामले सामने आ सकते हैं. प्रखंड के झड़पा देबी टाढी, गड़के, चिकटा डोहर, मढपा, हार गांव व करगा डोहर जैसे दर्जनों स्थानों पर बने चेक डैम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये हैं. इन डैंप में बरसात के दिनों में तो थोड़ा-बहुत पानी रहता है, लेकिन गर्मी आने से पहले ही ये सूख जाते हैं. पानी की इसी किल्लत के कारण पशुपालक हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जमनिया व बक्सर स्थित गंगा नदी के तटों की ओर निकल चुके हैं. ये पशुपालक वहां चार महीने तक अस्थाई डेरा डालकर रहेंगे व बरसात शुरू होते ही वापस अपने गांवों को लौटेंगे. शासन की अनदेखी ने इन पशुपालकों को अपने ही घर में बेगाना बना दिया है.

विज्ञापन
VIKASH KUMAR

लेखक के बारे में

By VIKASH KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन