राज्य योजना की राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वालों पर गिरेगी गाज

Published by : VIKASH KUMAR Updated At : 06 Mar 2026 4:55 PM

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सात व नौ मार्च को भभुआ और मोहनिया अनुमंडल के लिए लगेगा विशेष कैंप

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सात व नौ मार्च को भभुआ और मोहनिया अनुमंडल के लिए लगेगा विशेष कैंप बिल-वाउचर व जीएसटी अंकित प्रतियों के साथ देना होगा विवरण भभुआ नगर. जिले के सरकारी विद्यालयों में राज्य योजना की राशि के उपयोग को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने इस संबंध में कड़ा आदेश जारी किया है. जारी आदेश में सभी प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक व प्रधान शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त राज्य निधि (जीओबी) की राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र हर हाल में जमा कर दें. इसके लिए सात व नौ मार्च को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के सभागार में विशेष कैंप का आयोजन किया जायेगा. जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग के निर्देश के आलोक में वर्ष 2025-26 के लिए जिले के विद्यालयों को विभिन्न मदों में राशि आवंटित की गयी थी. इस राशि का सही उपयोग हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए अब सभी विद्यालयों से उपयोगिता प्रमाण-पत्र मांगा गया है. वहीं, यदि कोई विद्यालय निर्धारित समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी. डीइओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भभुआ अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी उच्च व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के लिए सात मार्च को कैंप लगाया जायेगा. वहीं, मोहनिया अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों के लिए नौ मार्च को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के सभागार में कैंप आयोजित होगा. इस कैंप में विद्यालयों के प्रधानाध्यापक या उनके प्रतिनिधि को उपस्थित होकर राज्य योजना के तहत खर्च की गयी राशि का पूरा विवरण व उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करना होगा. विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों व लेखा पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि वे संबंधित विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करें. बिना कागजात नहीं होगा प्रमाणपत्र स्वीकार शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि उपयोगिता प्रमाणपत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज भी अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे. इसमें जीएसटी अंकित बिल-वाउचर की प्रति, पासबुक की छायाप्रति, विद्यालय शिक्षा समिति के संकल्प की प्रति, स्टॉक पंजी की प्रमाणित प्रति तथा खर्च से संबंधित अन्य अभिलेख शामिल हैं. आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी बिलों पर विद्यालय की मुहर व पृष्ठ संख्या अंकित होना अनिवार्य है. यदि किसी विद्यालय द्वारा अधूरे कागजात प्रस्तुत किये जाते हैं, तो उनका प्रमाण-पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा है कि निर्धारित तिथि तक प्रमाणपत्र जमा नहीं करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

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