डुमरकोन विद्यालय में मध्याह्न भोजन रहता बंद

हुजूर, हम बनवासी बच्चों के लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है, लेकिन हम लोग इस योजना से वंचित रह जाते हैं.
भभुआ नगर. हुजूर, हम बनवासी बच्चों के लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं संचालित की जा रही है, लेकिन हम लोग इस योजना से वंचित रह जाते हैं. योजना तो दूर हम लोगों को दोपहर को मिलने वाला मध्याह्न भोजन भी बंद रहता है. अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं और भूखे पेट ही हम लोगों को ककहरा रटना पड़ता है. इतना ही नहीं विद्यालय का शौचालय भी बंद रहता है या गंदे अवस्था में पड़ा रहता है. हम लोग मांग करते हैं तो प्रधानाध्यापिका के पति जो कमरिया विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं उनके द्वारा दबंगई दिखायी जाती है. इससे थक हार कर हम लोग इस ठंड के मौसम में भी बच्चे 50 किलोमीटर का सफर तय कर आपके पास फरियाद लगाने पहुंचे हैं. दरअसल, शनिवार को जिला मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूरी पर स्थित डुमरकोन मसानी विद्यालय के दर्जनों छात्र मध्याह्न भोजन सहित विद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार से निजात दिलाने के लिए समाहरणालय पहुंचे थे. उन्होंने अपनी फरियाद जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर लगायी है. आवेदन में छात्र-छात्राओं व अभिभावकों ने लिखा है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लीलावती देवी व उनके पति द्वारा दबंगई से विद्यालय का संचालन किया जा रहा है. उनके डूमरकोन गांव के ही रहने के कारण ही इनकी मनमानी विद्यालय में खूब चलती है. इतना ही नहीं विद्यालय में दी जा रही विकास की राशि भी इनके द्वारा गबन कर लिया जाता है. विद्यालय के शौचालय की सफाई सहित रंगाई पुताई सभी बाधित है. हम लोग ध्यान आकर्षित करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी से फरियाद लगते रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा कभी ध्यान नहीं दिया गया. = मां है प्रिंसिपल, पुत्र है रात्रि प्रहरी छात्र-छात्राओं व अभिभावकों द्वारा जिला पदाधिकारी को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि डूमरकोन विद्यालय में तैनात प्रिंसिपल लीलावती देवी के पुत्र ही रात्रि प्रहरी हैं, लेकिन उनके द्वारा विद्यालय की देखरेख नहीं की जाती है. इसके कारण विद्यालय के खिड़की व दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गये हैं. = कंप्यूटर गुरु जी ले गये अपने घर छात्र-छात्राओं द्वारा जिला पदाधिकारी को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि सीआरसी में बच्चों को सीखने के लिए कंप्यूटर दिया गया है, लेकिन प्रधानाध्यापिका कंप्यूटर को उठाकर अपने घर ले गयी है. वहां घर पर उनके बच्चे कंप्यूटर सीख रहे हैं. = नियमित शिक्षक को नहीं दिया जा रहा प्रभार छात्र-छात्राओं द्वारा दिये गये आवेदन में कहा गया है कि स्कूल में नियमित शिक्षक मोहम्मद मोफीद साह कई महीनों से विद्यालय में कार्यरत हैं, लेकिन प्रधानाध्यापिका द्वारा नियमित शिक्षक को प्रभार नहीं दिया जा रहा है. बोले अधिकारी इस संबंध में पूछे जाने पर डीपीओ एमडीएम शंभू प्रसाद ने कहा कि मध्याह्न भोजन बंद रहना काफी गंभीर विषय है, इसकी जांच की जायेगी और जांच में अगर प्रधानाध्यापिका दोषी पायी जाती है, तो कार्रवाई की जायेगी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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