गर्मी बढ़ते ही प्यास बुझाने के लिए भटक रहे राहगीर

नलजल के साथ अधिकतर हैंडपंप भी खराब, बस पड़ाव व चौक-चौराहों पर लोग प्यास से बेहाल
नलजल के साथ अधिकतर हैंडपंप भी खराब, बस पड़ाव व चौक-चौराहों पर लोग प्यास से बेहाल भीषण गर्मी में रैन बसेरा के पास लगे नये चापाकल सूखे, बोतलबंद पानी खरीदने की विवशता भभुआ सदर. बीते 10 दिनों से धूप की तपिश तेज होने से गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है. शहर के विभिन्न चौक-चौराहों समेत सार्वजनिक स्थानों पर शुद्ध पेयजल का संकट भी गहराने लगा है. जिला मुख्यालय स्थित बस पड़ाव व उसके आसपास के अधिकांश स्थानों पर पेयजल की स्थिति खराब है. हालांकि, कुछ चापाकल स्थानीय होटल संचालकों द्वारा रखरखाव किये जाने के कारण काम के लायक बचे हैं. अखलासपुर व सोनहन बस पड़ाव में पेयजलापूर्ति की कुव्यवस्था का आलम यह है कि पुराने रैन बसेरा के समीप लगाये गये नये चापाकल भी सूख रहे हैं. प्यास से व्याकुल यात्रियों के समक्ष अब बोतलबंद पानी खरीदने की विवशता है. शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है. कचहरी रोड से लेकर एकता चौक तक लोग कभी-कभार चलने वाले नल-जल या फिर हैंडपंप का दूषित पानी पीने को विवश हैं. स्थानीय दुकानदार व राहगीर आर्सेनिक व आयरन की अधिकता वाला पानी पी रहे हैं, जबकि सरकार लोगों को शुद्ध पेयजलापूर्ति के लिए ”हर घर नल” योजना चला रही है. नगर पर्षद द्वारा चौक-चौराहों पर पेयजल उपलब्ध कराने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हालात इसके उलट हैं. कई स्थानों पर स्थानीय लोग स्वयं प्याऊ लगाकर लोगों की प्यास बुझा रहे हैं. अखलासपुर बस पड़ाव में सासाराम से पहुंचे देवानंद प्रसाद कहते हैं कि जिला प्रशासन को बढ़ती तपिश को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था करनी चाहिए. वहीं, महिला यात्री पार्वती देवी ने बताया कि बस पड़ाव के आसपास कहीं भी शुद्ध जल उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते उन्हें बोतलबंद पानी खरीदना पड़ा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




