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Kaimur news : आरटीइ के तहत नामांकन के लिए 25 से 10 अप्रैल तक लिया जायेगा आवेदन

जिले के सभी निबंधित निजी विद्यालयों में आरटीइ शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जिले के 25 फीसदी सीटों पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले छात्र-छात्राओं का नामांकन होगा. हालांकि, नामांकन के लिए गरीबी रेखा से नीचे रह रहे छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इ

भभुआ नगर. जिले के सभी निबंधित निजी विद्यालयों में आरटीइ शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत जिले के 25 फीसदी सीटों पर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले छात्र-छात्राओं का नामांकन होगा. हालांकि, नामांकन के लिए गरीबी रेखा से नीचे रह रहे छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इधर, गरीबी रेखा से नीचे रह रहे छात्र-छात्राओं का आरटीइ के तहत निजी विद्यालय में दूसरे चरण के नामांकन के लिए तिथि निर्धारित कर दी गयी है. निर्धारित तिथि के अनुसार छात्रों का आवेदन 25 मार्च से 10 अप्रैल तक लिया जायेगा. ऑनलाइन आवेदन के बाद 26 मार्च से 12 अप्रैल तक पंजीकृत छात्रों का सत्यापन किया जायेगा व सत्यापित छात्रों काे ऑनलाइन विद्यालय का आवंटन किया जायेगा. वहीं, 16 अप्रैल से 25 अप्रैल तक विद्यालय के लिए चयनित छात्रों का सत्यापन व विद्यालय में प्रवेश लिया जायेगा. इधर, आरटीइ के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन के लिए निदेशक प्राथमिक शिक्षा ने सभी अभिभावकों से अपील की है. निदेशक ने अपील के माध्यम से कहा है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रस्वीकृति प्राप्त अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग समूह के बच्चों को पूर्व में आवेदन लेने के बाद निजी विद्यालयों में नामांकन कराया गया, लेकिन नामांकन से वंचित रह गये छात्रों के हित में देखते हुए दूसरे चरण के तहत आवेदन लिया जा रहा है. दरअसल, निजी विद्यालयों में गरीबी रेखा से रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी निजी विद्यालयों में नामांकन को ले आरटीइ का लाभ देने के लिए सरकार ने केंद्रीयकृत व्यवस्था लागू की है. सीट आवंटन से लेकर नामांकन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने जारी निर्देश में कहा है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. ज्ञानदीप पोर्टल पर करना होगा आवेदन आरटीइ के तहत प्राइवेट स्कूलों में फ्री नामांकन के लिए विभाग के ज्ञानदीप पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा. अभिभावक या बच्चे अपने मोबाइल नंबर के साथ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. आवेदन के लिए बच्चों का जन्म दो अप्रैल 2016 से एक अप्रैल 2018 के बीच होना चाहिए. साथ ही आवेदन करने वाले बच्चों के अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए. रजिस्ट्रेशन के समय अभिभावक या बच्चे को अपने नजदीक के पांच प्राइवेट स्कूलों का चयन करना होगा. चयनित स्कूलों में किसी एक स्कूल को आवंटित किया जायेगा, जहां छात्रों का नामांकन निशुल्क लिया जायेगा. चयनित स्कूल से एक किलोमीटर के अंदर रहने वाले बच्चों को पहली प्राथमिकता मिलेगी. = सभी कागजातों की होगी जांच निजी विद्यालयों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अपने बच्चों का नामांकन कराने वाले अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसमें छह विद्यालयों में नामांकन के लिए विकल्प मिलेगा. नामांकन संबंधी दस्तावेज की जांच पोर्टल पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी करेंगे. पोर्टल के माध्यम से आधार कार्ड व अन्य प्रमाण पत्रों की जांच की जायेगी व प्राप्त आवेदनों के प्रथम विकल्प के आधार पर सीट का आवंटन किया जायेगा. विद्यालय में उपलब्ध सीट से अधिक नामांकन के लिए आवेदन प्राप्त होने पर पोर्टल पर बच्चों का चयन रेंडमली किया जायेगा, निर्धारित संख्या में बच्चों का नामांकन नहीं होने की स्थिति में इस प्रक्रिया को एक से अधिक बार किया जा सकेगा. पोर्टल पर नामांकित बच्चों के आधार पर पीएफएमएस से प्राइवेट स्कूलों को भुगतान प्राप्त होगा. = फर्जीवाड़े पर रोक के लिए पोर्टल से होगी निगरानी शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों में होने वाले नामांकन की निगरानी अब पोर्टल के माध्यम से की जायेगी. सरकार ने निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के नामांकन को गंभीरता से लेते हुए इसकी निगरानी करने का निर्णय लिया है. इसके लिए विभाग से पोर्टल विकसित किया गया है. पोर्टल से शिक्षा विभाग मुख्यालय से सभी निजी स्कूल पर नजर रखेगा, किस स्कूल में कितने बच्चों का नामांकन वास्तव में लिया गया है, इसकी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिससे नामांकन को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी. = बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च देती है सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीइ के तहत कमजोर आय वर्ग के बच्चों का भी प्राइवेट स्कूलों में नि:शुल्क एडमिशन लिये जाने का प्रावधान है. शिक्षा विभाग से पंजीकृत निजी विद्यालयों में कमजोर आय वर्ग के बच्चों का एडमिशन लिया जाता है. प्राइवेट स्कूल में 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए रिजर्व रहती हैं. वहीं, उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च प्रदेश और केंद्र सरकार मिलकर उठाती हैं. आरटीइ के तहत बच्चे का एडमिशन होने के बाद बच्चों को स्कूल में ना तो फीस देनी होती है ना ही यूनिफार्म, बुक्स या ट्रांसपोर्ट व अन्य फीस का भुगतान करना होता है. जिन निजी विद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की गयी है उन्हें शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत बच्चों को मुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है. = पहले चरण में 412 छात्रों का हुआ चयन गौरतलब हैं कि आरटीइ के तहत नामांकन के पहले चरण में जिले के 412 छात्रों का चयन करते हुए विद्यालय का आवंटन कर दिया गया है, जिसमें से 303 छात्रों ने विद्यालय में नामांकन ले लिया है. शेष 109 बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया चल रही है. बोले अधिकारी इस संबंध में संभाग प्रभारी हरिनारायण ओझा ने बताया आरटीइ के तहत गरीबी रेखा से नीचे के बच्चों का पंजीकृत सभी 219 निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीट पर नामांकन होगा. नामांकन के लिए छात्र व अभिभावक ज्ञानदीप पोर्टल पर 10 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. 25 मार्च से नामांकन लेने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जायेगी.

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