कैमूर की बेटी मधुबाला कुमारी बनीं RDO: गरीबी भी नहीं रोक पाई उड़ान, 1091वीं रैंक से हासिल की सफलता

Edited by Suryakant Kumar
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मधुबाला कुमारी- फोटो : प्रभात खबर

70th BPSC Result 2026: कैमूर की मधुबाला कुमारी ने BPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर SDM पद प्राप्त किया है. किसान परिवार से आने वाली मधुबाला ने नानी के घर रहकर पढ़ाई की और अपनी मेहनत के दम पर सफलता की नई मिसाल पेश की.

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कुदरा से सत्येंद्र प्रताप सिंह की रिपोर्ट 
70th BPSC Result 2026 :
मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के आगे कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती. इसे सच कर दिखाया है कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड अंतर्गत डिहरा गांव की रहने वाली मधुबाला कुमारी ने. उन्होंने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1091वीं रैंक हासिल की है. इस बड़ी उपलब्धि के आधार पर उनका चयन एसडीएम (अनुमंडल पदाधिकारी) के पद पर हुआ है.

मधुबाला की सफलता से उनके माता-पिता, परिवार, गांव और ननिहाल सहित पूरे कैमूर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि बिटिया ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है.

नानी के घर रहकर पूरी की पढ़ाई

मधुबाला एक साधारण किसान संतोष सिंह उर्फ पप्पू सिंह की बेटी हैं. उन्होंने अपने ननिहाल, यानी रोहतास जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र के टीपा गांव में अपनी नानी के घर रहकर शिक्षा-दीक्षा हासिल की और इस मुकाम तक पहुंची हैं.

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गांव के साथ-साथ ननिहाल में भी खुशी का माहौल

यही वजह है कि उनकी इस कामयाबी पर डिहरा गांव के साथ-साथ उनके ननिहाल टीपा गांव में भी उत्सव जैसा माहौल है. परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें बधाई देने का सिलसिला लगातार जारी है.

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सीमित संसाधनों के बीच मेहनत और संघर्ष से हासिल की मंजिल

सीमित संसाधनों और कम सुविधाओं के बावजूद मधुबाला ने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी की और अपनी लगन के दम पर यह सफलता हासिल करके दिखाई. बीपीएससी में सफलता हासिल करने के बाद मधुबाला अब दूसरी युवतियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई हैं.

Kaimur News : लड़कियों के लिए बनीं प्रेरणा

उनकी इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में किसी से पीछे नहीं हैं. हर क्षेत्र में लड़कियां अपनी प्रतिभा का परचम लहराकर बड़ा मुकाम हासिल कर रही हैं और देश की सेवा में लगी हैं. एक साधारण किसान परिवार से निकलकर एसडीएम बनने तक का मधुबाला का यह सफर संघर्ष और कामयाबी की एक बेहतरीन मिसाल है.

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Suryakant Kumar

लेखक के बारे में

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सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे गया, औरंगाबाद, कैमूर और बक्सर जिलों से जुड़ी हाइपरलोकल खबरों, शिक्षा, रोजगार, प्रशासनिक गतिविधियों और जनसरोकार के विषयों पर समाचार लेखन का कार्य कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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