अंचलाधिकारियों व कर्मियों के हड़ताल पर जाने से भूमि संबंधित 28994 मामले लंबित

Updated at : 04 Apr 2026 4:30 PM (IST)
विज्ञापन
अंचलाधिकारियों व कर्मियों के हड़ताल पर जाने से भूमि संबंधित 28994 मामले लंबित

सरकार व कर्मियों की खींचतान में पिस रही जनता, न समाधान, न सुनवाई

विज्ञापन

फोटो07. प्रखंड सह अंचल कार्यालय मोहनिया सरकार व कर्मियों की खींचतान में पिस रही जनता, न समाधान, न सुनवाई # दाखिल खारिज के 7547, परिमार्जन के 11750 व जमाबंदी के 9697 मामले लंबित दाखिल-खारिज व परिमार्जन के हजारों आवेदन अटके, आमजन परेशान # प्रभात एक्सक्लूसिव # मोहनिया सदर. चलती चाकी देखकर दिया कबीरा रोये, दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय यह कहावत सूबे के उन लोगों पर चरितार्थ हो रही है, जिनके भूमि से संबंधित मामले लंबे समय से लंबित पड़े हैं. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अधिकतर सीओ, अंचल कर्मियों व सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. संबंधित अधिकारी व कर्मी अपनी मांगों को मनवाने पर अड़े हुए हैं, जबकि विभागीय मंत्री मांगों को लिखित रूप में मानने को तैयार नहीं हैं. सरकार व कर्मचारियों के बीच जारी इस विवाद में सबसे अधिक परेशानी आम जनता को झेलनी पड़ रही है. जिले के 11 अंचलों में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करने वाले 6380 लोगों को आज तक टेंपरेरी नंबर नहीं मिल सका है. इसका मुख्य कारण यह है कि अंचल कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद उनका प्रभार किसी को नहीं दिया गया. वहीं, 1167 ऐसे दाखिल-खारिज मामले लंबित हैं, जिनकी प्रारंभिक जांच हड़ताल से पहले पूरी कर ली गयी थी व वाद संख्या भी मिल गया था. लेकिन सीओ व आरओ के हड़ताल पर चले जाने से ये मामले भी ठंडे बस्ते में चले गये हैं. जिले में परिमार्जन के सबसे अधिक 11750 मामले लंबित पड़े हैं. इन मामलों में जमाबंदी में अंकित नामों में त्रुटि हो गयी है, लेकिन हलका कर्मचारी 09 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने के कारण सुधार कार्य ठप है. अंचलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अधौरा में 125, भभुआ में 1924, भगवानपुर में 1562, चैनपुर में 1627, चांद में सबसे अधिक 2294, दुर्गावती में 373, कुदरा में 553, मोहनिया में 785, नुआंव में 373, रामगढ़ में 587 व रामपुर में 1114 मामले लंबित हैं. इसके अलावा सभी अंचलों में सीओ लॉगिन पर 433 नाम सुधार (ओल्ड परिमार्जन) के मामले भी लंबित हैं. जिले में 9697 जमाबंदी से जुड़े मामले भी अटके पड़े हैं. ये ऐसे मामले हैं, जिनमें खतियानी रैयत व केबाला धारकों के नाम से पहले मैनुअल रसीद तो काटी गयी, लेकिन उनका नाम ऑनलाइन जमाबंदी में दर्ज नहीं हो सका. इस प्रकार दाखिल-खारिज, परिमार्जन व जमाबंदी से जुड़े कुल 28994 मामले हड़ताल के कारण लंबित पड़े हुए हैं. ऑनलाइन परिमार्जन आवेदनों में 673 मामले सीओ लॉगिन पर व 9024 मामले हलका कर्मचारी लॉगिन पर पेंडिंग हैं. चांद अंचल में सबसे अधिक 2070, भभुआ में 1430, भगवानपुर में 1400 व चैनपुर में 1200 परिमार्जन मामले लंबित हैं. दाखिल-खारिज मामलों में भभुआ अंचल में 1378, मोहनिया में 1037, चैनपुर में 855 व कुदरा में 773 मामले लंबित हैं. इसका सीधा असर यह हो रहा है कि लोग अपनी जमीन की खरीद-बिक्री भी नहीं कर पा रहे हैं. भूमि से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर शासन व प्रशासन की उदासीनता साफ दिख रही है. हड़ताली अधिकारियों व कर्मियों को सरकार बदलने का इंतजार अपनी मांगों को लेकर राजस्व हलका कर्मचारी नौ फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हैं. उनकी मांगें पूरी नहीं हुई थीं कि अंचलाधिकारी भी हड़ताल पर चले गये. इस दौरान विभागीय मंत्री व वरीय अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. पूर्व में प्रधान सचिव द्वारा मांगें मानने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन विभागीय मंत्री द्वारा उसे स्वीकार नहीं किये जाने से मामला और बिगड़ गया. हड़ताली कर्मचारी अपनी मांगों को लिखित रूप में लागू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार इस पर सहमत नहीं है. स्थिति यह है कि अधिकारी व कर्मचारी सरकार के दबाव में आने को तैयार नहीं दिख रहे हैं. वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद हड़ताली कर्मियों को सरकार बदलने का इंतजार है. उनका मानना है कि नयी सरकार बनने के बाद उनकी मांगें पूरी होने की संभावना बढ़ जायेगी. # दाखिल खारिज व परिमार्जन के लंबित मामले प्रखंड- दाखिल खारिज- जमाबंदी अधौरा 72 131 रामपुर 213 943 रामगढ़ 328 454 भगवानपुर 370 1400 दुर्गावती 377 389 नुआंव 462 310 चांद 515 2070 कुदरा 773 793 चैनपुर 855 1200 मोहनिया 1037 608 भभुआ 1378 1430

विज्ञापन
VIKASH KUMAR

लेखक के बारे में

By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन