मुंडेश्वरी में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं होना परेशानी, मंदिर की चढ़ाई में कई बार हो चुके हैं हादसे

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Jun 2019 7:05 AM

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भभुआ : सूबे के विख्यात शक्ति पीठ मां मुंडेश्वरी धाम में अभी-अभी मुंडेश्वरी महोत्सव का समापन हुआ है. लेकिन, इस धाम में अब तक सरकार द्वारा कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं कराया जाना महोत्सव जैसे आयोजनों की गंभीरता को कम कर देता है. साथ ही जिला मुख्यालय से मुंडेश्वरी गेट के बाद जानेवाले मोकरी […]

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भभुआ : सूबे के विख्यात शक्ति पीठ मां मुंडेश्वरी धाम में अभी-अभी मुंडेश्वरी महोत्सव का समापन हुआ है. लेकिन, इस धाम में अब तक सरकार द्वारा कोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चालू नहीं कराया जाना महोत्सव जैसे आयोजनों की गंभीरता को कम कर देता है. साथ ही जिला मुख्यालय से मुंडेश्वरी गेट के बाद जानेवाले मोकरी पथ से लेकर मंदिर तक जानेवाली चढ़ाई के दौरान घाटी में कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं. लोग मरे भी हैं और गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं.

पूर्व में मुंडेश्वरी धार्मिक न्यास समिति द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की प्रक्रिया में मजबूत पहल की गयी थी. लेकिन, वह प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने के बाद फाइलों में ही उलझ कर गुम हो गया. मुख्यमंत्री खुद मुंडेश्वरी धाम को पर्यटन विकास की ओर ले जाने की मंशा जाहिर कर चुके हैं. श्रद्धालुओं को 630 फिट की ऊंचाई चढ़ कर मंदिर तक जाना होता है. इस दूरी को तय करने के लिए या तो सीढ़ियों का सहारा लेते हैं या घुमावदार और खतरनाक पहाड़ी घाटियों की यात्रा वाहनों से सड़क के माध्यम से करते हैं.
कई बार घाटियों में वाहनों के ब्रेक फेल होने या मोड़ पर वाहनों के अनियंत्रित हो जाने के घटनाएं हो चुकी हैं. कुछ लोग मरे भी हैं, कुछ गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं. यही नहीं धाम की ओर जाने वाले मोकरी पथ के मोड़ों पर भी कई बार हादसे हुए हैं. लेकिन, इन सभी हादसों में घायलों को इलाज के लिए कम से कम आठ से लेकर 12 किमी दूरी तय करके या तो भगवानपुर स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल तक पहुंचना होता है.
धार्मिक न्यास परिषद की पहल पर स्वास्थ्य केंद्र बनाने का भेजा गया था प्रस्ताव
मुंडेश्वरी धाम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर मुंडेश्वरी धार्मिक न्यास समिति के सचिव अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा पहल किया था, जब सूबे के स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह हुआ करते थे. उक्त संबंध में जानकारी देते हुए धार्मिक न्यास परिषद के तत्कालीन सदस्य जयप्रकाश नारायण सिंह ने बताया कि पूर्व में समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी कैमूर के स्तर से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह को आवेदन दिया गया था.
मंत्री के निर्देश पर समिति के सदस्य डॉ रामेश्वर सिंह के प्रयास से भूमि चिह्नित कर अंचलाधिकारी भगवानपुर के माध्यम से भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र लगाते हुए उक्त भूमि पर स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराने का प्रस्ताव सरकार को भी भेजा गया था. लेकिन, आज तक उस प्रस्ताव पर कोई हलचल इस दिशा में नहीं देखी गयी है. प्रस्ताव सरकारी फाइलों में ही दफन हो कर रह गया है.
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