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शहर में फिर बढ़ी वाहन चोरी की वारदात, पुलिस लगाम लगाने में नाकाम

Updated at : 05 Mar 2019 7:55 AM (IST)
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शहर में फिर बढ़ी वाहन चोरी की वारदात, पुलिस लगाम लगाने में नाकाम

भभुआ : भभुआ शहर में कुछ दिन के चैन के बाद एक बार फिर से वाहन चोरी की वारदात लगातार बढ़ती जा रही हैं. लेकिन पुलिस ना तो चोरी कम कर पा रही है और ना ही चोरी के बाद इनकी बरामदगी का ही प्रयास कर रही है. केवल हाल फिलहाल के वाहन चोरी के […]

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भभुआ : भभुआ शहर में कुछ दिन के चैन के बाद एक बार फिर से वाहन चोरी की वारदात लगातार बढ़ती जा रही हैं. लेकिन पुलिस ना तो चोरी कम कर पा रही है और ना ही चोरी के बाद इनकी बरामदगी का ही प्रयास कर रही है.
केवल हाल फिलहाल के वाहन चोरी के आंकड़े देखे जाएं तो पिछले पांच दिनों में ही शहर के विभिन्न स्थानों से एक बोलेरो सहित चार बाइक शातिर चोर उड़ा चुके हैं.
यानी हर दिन औसतन एक बाइक की चोरी. पुलिस की सुस्ती के चलते वाहन चोरों के हौसले इतने ज्यादा बुलंद हैं कि कोर्ट परिसर के आसपास सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा के तगड़े इंतजाम के बाद भी चोर बाइक चोरी कर रहे हैं. पुलिस इस मामले में भी कुछ नहीं कर पा रही है. वैसे लोगों का भी कहना रहता है कि पुलिस यह जानने का प्रयास भी नहीं करती है कि बाइक क्यों इतनी ज्यादा चोरी हो रही हैं.
चोरी होकर कहां जा रही हैं और कैसे इन्हें बरामद किया जा सकता है. पुलिस की कार्रवाई केवल पूछताछ और एफआइआर दर्ज करने तक ही सिमटी रहती है. पुलिस भी अधिकतर बाइक चोरी की घटना में बीमा का चक्कर बताती हुई पल्ला झाड़ने का प्रयास करती है.
वाहनों की चोरी से लोग चिंतित, पुलिस नहीं : इन दिनों बढ़ती वाहन चोरी से शहर के लोग चिंतित हैं. लेकिन पुलिस प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रहा. शहर वासियों खास कर बाइक लुटा चुके भुक्तभोगियों का कहना था कि आम आदमी के लिए कोई भी वाहन खरीदना आसान नहीं होता.
एक वाहन खरीदने के लिए किसी को पैसे उधार लेने पड़ते हैं, तो किसी को अपनी सेविंग इसमें लगानी पड़ती है. लेकिन, मेहनत के पैसों से खरीदे बाइक को चोर आसानी से इसे चोरी करके ले जाते हैं और पुलिस के ढीले रवैये के कारण आम आदमी की कई महीने सेविंग बर्बाद हो जाती है.
यूपी के सीमावर्ती जिलों में खपती है चोरी की बाइक : बाइक के शातिर चोर शहर से बाइक की चोरी करने के बाद इनको यूपी से लगते सीमावर्ती चकिया, चंदौली, इलिया आदि में भेज देते हैं या फिर स्वयं लेकर चले जाते है और वहां के एजेंट या खरीदारों को औने पौने दामों में बेच कर वापस चले आते है.
वाहन चोरों पर नयी धारा लागू करने की जरूरत
भभुआ सिविल कोर्ट के अधिवक्ता प्रदीप कुमार का कहना था कि वाहन चोरी करने वालों के लिए कानून में बदलाव हुआ है. पुराने कानून में वाहन चोरों पर धारा 379 लगती थी, जिसमें 10 से 15 दिन में जमानत हो जाती थी और सजा भी कम थी.
लेकिन, अब धारा 379 और बी लगाने का प्रावधान है, जिसमें दो महीने तक जमानत नहीं होती और तीन से सात साल तक सजा होती है. अभी तक यह अपराध सिर्फ चेन स्नेचिंग के मामले में ही इस्तेमाल किया जाता था.
मगर कानून में संशोधन के बाद इसे चोरी के मामलों में भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि जो जगह वाहन चोरी से ज्यादा प्रभावित है, वहां प्रशासन को सीसीटीवी कैमरे लगाये. ताकि, समय पर वाहन चोरों को फुटेज की मदद से पकड़ा जा सके.
शातिर मास्टर की या लॉक तोड़ कर चोरी करते हैं वाहन
शातिर बाइक चोर अक्सर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्टर की या फिर बाइक का लॉक तोड़ कर चोरी कर रहे हैं. चोर जिन वाहनों की बाजार में ज्यादा मार्केट है, उनमें से ज्यादातर की चोरों के पास मास्टर की होती है.
उससे लॉक खोलते हैं और वाहन चोरी कर ले जाते हैं. ज्यादातर चोर दो या तीन के ग्रुप में चोरी करने आते हैं और सर्वप्रथम रेकी करते है. जिन वाहनों पर हैंडल लॉक नहीं होता, उनका नीचे से स्विच चोरों द्वारा काटा जाता है.
स्विच बाइक के हैंडल से नीचे अंदर की तरफ होता है, जिसे एक्सपर्ट पांच मिनट के अंदर ही खोल लेता है. जिन बाइकों पर हैंडल लॉक लगा होता है. चोर बाइक पर बैठते हैं. एक तरफ पैर लगाते हैं और दूसरी तरफ हाथ से खींचते हैं. पैर से हैंडल पर दिये झटके और हाथ से खींचने के कारण लॉक टूट जाता है और बाइक चोरी कर ले जाते हैं.
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