नगर पर्षद में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता, हर खरीद में हेरफेर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Aug 2018 5:33 AM

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डस्टबीन, हैंडट्रॉली सहित स्ट्रीट लाइट खरीद में नहीं किया गया वित्त नियमावली का पालन भभुआ : नगर पर्षद भभुआ में वर्ष 15-16 से लेकर वर्ष 16-17 तक क्रय किये गये विभिन्न वस्तुओं सहित योजनाओं आदि में करोड़ों रुपये वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. नगर पर्षद द्वारा डस्टबीन, हैंडट्रॉली, स्ट्रीट लाइट आदि के खरीद […]

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डस्टबीन, हैंडट्रॉली सहित स्ट्रीट लाइट खरीद में नहीं किया गया वित्त नियमावली का पालन

भभुआ : नगर पर्षद भभुआ में वर्ष 15-16 से लेकर वर्ष 16-17 तक क्रय किये गये विभिन्न वस्तुओं सहित योजनाओं आदि में करोड़ों रुपये वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है. नगर पर्षद द्वारा डस्टबीन, हैंडट्रॉली, स्ट्रीट लाइट आदि के खरीद में वित्त नियमावली का पालन नहीं किया गया.
इसी तरह वेतन भुगतान में अनियमितता सहित योजनाओं में भी अधिक भुगतान कर दिया गया. उक्त खुलासा कार्यालय महालेखाकार पटना के स्थानीय लेखा परीक्षा पटना के लेखाओं पर आधारित अंकेक्षण रिपोर्ट में किया गया है.
उपकरणों की खरीद योजनाओं में भारी अनियमितता : 15 कंडिकाओं में जारी अंकेक्षण रिपोर्ट में नगर पर्षद द्वारा उपकरणों का किये गये खरीद सहित योजनाओं में भारी अनियमितता का मामला उठाया गया है. रिपोर्ट के अनुसार फाइबर डस्टबीन एंव हैंडट्रॉली के खरीद में बिहार वित्त नियमावली के धाराओं का पालन नहीं करते हुए 56 लाख 87 हजार 500 रुपये का अनियमित व्यय किया गया है. इसी तरह एलइडी स्ट्रीट लाइट व हाइ मास्ट लाइट के क्रय में भी वित्त नियमावली के धाराओं का पालन नहीं किये जाने की बात कही गयी है. इसी तरह पंचम वित्त आयोग योजना में शहर के वार्ड नंबर 10 में उमेश राय मास्टर के घर से मनोज राय मास्टर के घर तक कराये गये पीसीसी सड़क व नाला निर्माण में 45 हजार 792 रुपये अधिक राशि का भुगतान कर दिये जाने के मामले का खुलासा किया गया है. साथ ही अवरोधित राशि 34.78 लाख को विभाग से पत्राचार कर के उसे संबंधित शीर्ष में जमा कराने का साक्ष्य भी नगर कार्यपालक पदाधिकारी से मांगा गया है.
वेतन भुगतान सहित विभिन्न मामलों की जांच कराने व राशि वसूलने का निर्देश
नगर पर्षद भभुआ के अंकेक्षण प्रतिवेदन के आलोक में नगर विकास के संयुक्त सचिव द्वारा कर्मियों को किये गये वेतन भुगतान सहित विभिन्न मामलों की जांच कराने तथा राशि वसूल करने का भी निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट में बगैर सशक्त स्थायी समिति के स्वीकृति एवं नियुक्ति के नियमों पालन किये बिना कर्मियों को 3.21 लाख वेतन भुगतान को अनियमित बताया गया है. इस राशि का वसूली करने का निर्देश दिया गया है. इसी तरह हैंडट्राली और डस्टबीन और लाइट खरीद के मामले की भी जांच कराने का निर्देश दिया गया है. राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किये गये 1.10 लाख रुपये की राशि के मामले को भी जांच कराने का निर्देश दिया गया है. इसी तरह पीसीसी सड़क निर्माण तथा नाला निर्माण योजना की भी जांच कर अधिक राशि का किये गये भुगतान को वसूलने का निर्देश दिया गया है.
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