प्रखंड मुख्यालय की बैठक में जिलास्तरीय एक पदाधिकारी लेंगे हिस्सा

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बुधवार को डीएम प्रत्येक प्रखंड के जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ करेंगे बैठक भभुआ कार्यालय : प्रखंडस्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान व योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक ढंग से हो, ताकि प्रखंडस्तर की समस्या के लिए लोगों को जिले में दौड़ न लगाना पड़े. इसके लिए नये डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने […]

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बुधवार को डीएम प्रत्येक प्रखंड के जिलास्तरीय वरीय पदाधिकारियों के साथ करेंगे बैठक

भभुआ कार्यालय : प्रखंडस्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान व योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक ढंग से हो, ताकि प्रखंडस्तर की समस्या के लिए लोगों को जिले में दौड़ न लगाना पड़े. इसके लिए नये डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने एक नयी रणनीति बनायी है. इसके तहत प्रत्येक प्रखंडों के लिए अलग-अलग जिलास्तर के एक पदाधिकारी वरीय पदाधिकारी के तौर पर तैनात किये जायेंगे और प्रखंडस्तर के सभी विभागों के पदाधिकारियों की प्रत्येक मंगलवार को प्रखंड में ही बैठक आयोजित होगी.
इसमें जिले से तैनात किये गये वरीय पदाधिकारी उस बैठक में हिस्सा लेंगे और उस बैठक में प्रत्येक योजनाओं की समीक्षा और लोगों की समस्याओं को वहीं पर दूर किया जायेगा. प्रखंडस्तर के पदाधिकारी जहां भी कोई गड़बड़ी करेंगे या जहां लापरवाही बरतेंगे, इसकी सूचना उस प्रखंड के वरीय पदाधिकारी प्रत्येक बुधवार को डीएम द्वारा वरीय पदाधिकारियों के साथ किये जानेवाली बैठक में देंगे. डीएम नवल किशोर चौधरी ने बताया कि सभी अधिकारियों को आठ दिन का समय दिया गया है कि वे अपने पेंडिंग कामों को निष्पादित कर लें. इसके साथ ही प्रखंडस्तर के पदाधिकारी अपने प्रखंडों में रहना सुनिश्चित करें.
जिला से लेकर प्रखंडस्तर के पदाधिकारी ससमय दफ्तर पहुंचे. गुरुवार को उक्त सारे निर्देश नये डीएम नवल किशोर चौधरी द्वारा बीडीओ, सीओ व जिलास्तर के अधिकारियों के साथ बैठक में दी गयी. डीएम ने कहा कि मेरी ऐसी सोच है कि पंचायत व प्रखंडस्तर की समस्या वहीं पर निदान हो जाये. ताकि, लोगों को यहां वहां अनावश्यक न दौड़ना पड़े. साथ ही प्रखंड व पंचायतस्तर पर चलनेवाले योजनाओं का नजदीकी से निगरानी रखा जा सकता है. डीएम ने बैठक में अपना इरादा स्पष्ट करते हुए साफ तौर पर कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी अपने मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करेंगे व समय से ऑफिस पहुंच कार्यों का निष्पादन करेंगे.
चिकित्सकों का कंप्यूटराइज्ड रोस्टर बनाने का निर्देश : डीएम ने सभी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में बारी-बारी से उनके यहां चल रही योजनाओं के निष्पादन की समयसीमा तय की और उन्हें दिशा निर्देश दिया. सिविल सर्जन को जननी बाल सुरक्षा योजना का भुगतान जल्द से जल्द कराने का निर्देश दिया. भुगतान नहीं होने की स्थिति में लेखापाल को जिम्मेदार मानते हुए उन पर कार्रवाई की बात कही. वहीं, चिकित्सकों के ड‍्यूटी का रोस्टर कंप्यूटराइज्ड बनाने का भी निर्देश दिया है. उसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुकों को दूसरा किश्त नहीं दिये जाने का मामला सामने आने पर डीएम ने कहा कि अगर दूसरा किश्त ससमय नहीं दिया जाता है, तो इसके लिए आवास सहायक जिम्मेदार होंगे और आवास सहायकों के बर्खास्तगी से लेकर जेल भेजने तक की कार्रवाई की जायेगी.
वहीं, बाल विकास परियोजना विभाग को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के अंदर 10 बेहतरीन आंगनबाड़ी केंद्र व 10 खराब आंगनबाड़ी केंद्र का सूची बना कर उन्हें भेजे. आंगनबाड़ी केंद्रों को नौ बजे से लेकर एक बजे तक खोलवाना सुनिश्चित करें.
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