जहानाबाद: अगले माह ट्रायल की तैयारी, 23 करोड़ की लागत से बन रहा रोपवे; बाबा सिद्धनाथ मंदिर तक पहुंचना होगा आसान

Edited by Nikhil Anurag
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बाबा सिद्धनाथ मंदिर जाने के लिए रोपवे का हो रहा निर्माण

Vanavar Ropeway update : जहानाबाद के मखदूमपुर स्थित वाणावर पहाड़ में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है. 23 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस रोपवे का ट्रायल अगले माह प्रस्तावित है. श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को बाबा सिद्धनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा मिलने की संभावना है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.

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मखदुमपुर (जहानाबाद) से रमेश कुमार
Vanavar Ropeway update : जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल वाणावर पहाड़ पर निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है. आगामी श्रावणी मेला को देखते हुए निर्माण एजेंसी द्वारा दिन-रात कार्य किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को इस वर्ष ही रोपवे की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालु रोपवे के माध्यम से बाबा सिद्धनाथ मंदिर तक आसानी से पहुंच सकेंगे.

अगले माह ट्रायल की तैयारी, तेजी से चल रहा निर्माण कार्य

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अगले महीने रोपवे का ट्रायल शुरू करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए ट्रॉली बॉक्स, वायरिंग, मोटर मशीन, टावर निर्माण समेत अन्य तकनीकी कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है. निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार कार्य में जुटे हुए हैं.

बाबा सिद्धनाथ मंदिर पहुंचना होगा आसान

वाणावर पहाड़ की चोटी पर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर जिले सहित आसपास के कई जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. विशेषकर श्रावणी मेला के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. वर्तमान में मंदिर तक पहुंचने के लिए कठिन पहाड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी होती है. रोपवे शुरू होने के बाद यह यात्रा काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगी.

23 करोड़ की परियोजना से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

प्रथम चरण का कार्य हथियाबोर क्षेत्र में चल रहा है. करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि वाणावर क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

स्थानीय लोगों में उत्साह

स्थानीय लोगों का मानना है कि रोपवे शुरू होने से पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी होगी. इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलेगा. श्रावणी मेला से पहले परियोजना के पूरा होने की संभावना को लेकर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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