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Jehanabad : बच्चों में वैज्ञानिक सोच और शोध की प्रवृत्ति विकसित करना समय की मांग

Updated at : 06 Aug 2025 11:12 PM (IST)
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Jehanabad : बच्चों में वैज्ञानिक सोच और शोध की प्रवृत्ति विकसित करना समय की मांग

सायंस फ़ॉर सोसायटी बिहार के तत्वावधान में द्वितीय बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम-2025 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिशा निर्देशन सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बुधवार को टाउन हॉल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई़

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जहानाबाद नगर. सायंस फ़ॉर सोसायटी बिहार के तत्वावधान में द्वितीय बिहार बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम-2025 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिशा निर्देशन सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन बुधवार को टाउन हॉल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई़ कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गीत के साथ हुआ. वरीय उप समाहर्त्ता शिल्पी आनंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं. मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच और शोध प्रवृत्ति विकसित करना समय की मांग है. कार्यशाला न केवल शिक्षकों को दिशा प्रदान करती हैं, बल्कि जिले के बच्चों को भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती हैं. उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे अपने विद्यालयों में छात्रों को वैज्ञानिक पद्धति से प्रयोग और शोध के लिए प्रेरित करें. कार्यक्रम में डॉ अरुण कुमार, अध्यक्ष साइंस फॉर सोसायटी बिहार, सतीश रंजन, प्रदेश सचिव साइंस फॉर सोसायटी बिहार, संयुक्त राज्य समन्वयक डॉ कुमारी निमिषा, शिक्षाविद् शकील अहमद काकवी और डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य केके पाण्डेय का शॉल से स्वागत किया गया. उद्घाटन सत्र में जिला समन्वयक श्रीकांत शर्मा ने स्वागत भाषण दिया और सत्र का संचालन जिला संयुक्त समन्वयक श्री पंकज कुमार ने किया. तकनीकी सत्र के दौरान डॉ अरुण कुमार ने विषय प्रवेश एवं परियोजना रिपोर्ट निर्माण पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया. इसके बाद विभिन्न उपविषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें डॉ कुमारी निमिषा ने जैव विविधता का संवर्धन एवं जैव संसाधनों का सतत उपयोग, डॉ उदय शंकर मिश्र, सेवानिवृत प्रधानाचार्य ने खर-पतवार का अध्ययन एवं उनका वैकल्पिक उपयोग, डॉ प्रवीण दीपक, एसएस कॉलेज ने मिट्टी का संरक्षण एवं प्रबंधन और सतीश रंजन ने मौसम, जलवायु एवं कृषि विषय पर मार्गदर्शन दिया. कार्यशाला में जिले के विज्ञान शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वैज्ञानिक पद्धति, शोध परियोजना निर्माण, डेटा विश्लेषण, प्रस्तुतीकरण कौशल और छात्रों को नवाचारी शोध की ओर प्रेरित करने के तरीकों पर गहन जानकारी दी गई.जिला संयोजक ललित शंकर ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को प्रशिक्षित कर बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम-2025 में अधिकाधिक छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित करना है. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद शिक्षक अपने विद्यालयों में छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे और उन्हें जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए परियोजना तैयार कराने के लिए प्रेरित करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MINTU KUMAR

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