पतंग खरीदने के लिए भी लगी रही भीड़ मंदिरों में पूजा करने के लिए उमड़े श्रद्धालु

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जहानाबाद,नगर : नववर्ष का पहला त्योहार मकर संक्रांति जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने दरधा-यमुना के संगम में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की. डुबकी के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा दान-पुण्य भी किया गया. मकर संक्रांति को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल रही. विशेषकर तिलकुट व दूध की खरीददारी के लिए लोगों […]

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जहानाबाद,नगर : नववर्ष का पहला त्योहार मकर संक्रांति जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने दरधा-यमुना के संगम में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की.

डुबकी के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा दान-पुण्य भी किया गया. मकर संक्रांति को लेकर बाजारों में भी चहल-पहल रही. विशेषकर तिलकुट व दूध की खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ लगी रही. वहीं पतंग खरीदने के लिए भी लोग व्याकुल दिखे. मकर संक्रांति पर जिले के विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते देखे गये. मकर संक्रांति हिंदुओं का प्रमुख पर्व है जो पूरे देश में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है. पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब यह पर्व मनाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि अर्थात नारात्मकता का प्रतीक तथा उतरायन को देवताओं का दिन यानी सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है.
इस दिन जप-तप, दान-स्नान आदि धार्मिक क्रियाकल्पों का विशेष महत्व है. मकर संक्रांति के दिन दिया गया दान सौ गुणा बढ़कर पुन: प्राप्त होता है. मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरी गोलाद्ध की ओर आना शुरू हो जाता है. जिससे दिन बड़े और रात छोटी होने लगती है. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन भगवान भाष्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं. मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनी के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थी. पर्व के अवसर पर लोग एक-दूसरे को मकर संक्रांति की बधाई दी. साथ ही चूड़ा-दही व तिलकुट का स्वाद भी चखाया. घर-घर में स्नान-दान के उपरांत लोगों द्वारा चूड़ा-दही का आनंद उठाया गया. वहीं संध्या समय पोंगल का स्वाद भी चखा गया.
तिलकुट व दूध की जमकर हुई खरीदारी :मकर संक्रांति को लेकर घर-घर में पिछले कई दिनों से तैयारी चल रही थी. तिलकुट व गुड़ की खरीददारी के साथ ही मलाइदार दही जमाने का सिलसिला भी जारी था. हालांकि मकर संक्रांति के दिन भी तिलकुट व दूध की जमकर बिक्री हुई. शहरी क्षेत्र में तो दूध अधिक दामों पर बेचे गये .वहीं पतंग की खरीदारी भी लोग करते दिखे. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी किया जाता है. इसे देखते हुए आसमान में रंग-बिरंगे पतंग उड़ती नजर आयी.
मंदिरों में पूजा करने को उमड़े श्रद्धालु :नववर्ष का पहला पर्व मकर संक्रांति पर मंदिरों में भी पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. अहले सुबह श्रद्धालु नदियों व सरोबरों में स्नान के उपरांत मंदिरों में पूजा-अर्चना किया तथा ईश्वर से सुख-समृद्धि की कामना की. शहर के गौरक्षणी देवी मंदिर, लाल मंदिर, काली मंदिर, उंटा मंदिर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते देखे गये.
मोदनगंज. प्रखंड क्षेत्र में शनिवार को धूमधाम से मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया. लोगों ने सुबह उठकर पूजा-अर्चना कर तिलकुट, मस्का, चूड़ा अन्न का दान किया. खास कर मकर संक्रांति के अवसर पर बंधुगंज सूर्य मंदिर, चरूई काली मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गयी. प्रखंड क्षेत्र में धूमधाम से मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया.
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