जहानाबाद : शहर में सफाई की स्थिति कैसी है, इसके लिए नगर पर्षद द्वारा क्या-क्या व्यवस्था की गयी है. आंतरिक व वाह्य संसाधन क्या है. धरातल पर सफाई के काम हो रहे हैं या नहीं. केवल फाइलों तक ही तो नहीं सिमटा है सफाई की व्यवस्था? इन सारे मुद्दों को लेकर जहानाबाद पहुंची तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ने शहर के कई इलाकों का जायजा लिया. वार्ड नंबर 5, 6, 8, 9, 14, 15, 18, 21, 24, 27, 28 सहित अन्य वार्डों के गली-मुहल्लों में घूम-घूमकर टीम के सदस्यों ने सफाई की स्थिति और इसके लिए की गयी व्यवस्था का गहन जायजा लिया. मुहल्लों के अलावा सब्जी, फल, किराना और अनाज मंडियों की स्थिति भी देखी.
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम में रोहित कुमार, अनीश कुमार और अजय महतो शामिल हैं. टीम ने ऑन द रिकार्ड सफाई व्यवस्था के कागजात खंगालें और उसकी क्रॉस चेकिंग के लिए शहर की प्रमुख सड़कों के अलावा गली-मुहल्लों में जाकर स्थिति का जायजा लिया.
सफाई के प्रति जताया संतोष, पर जागरूकता की है जरूरत
टीम सदस्यों का मानना है कि जहानाबाद शहर में सफाई की व्यवस्था संतोषजनक है लेकिन इसमें और सुधार की जरूरत है. साथ ही साथ लोगों में सफाई के प्रति और जागरूकता लाने की जरूरत पर भी जोर दिया है.
टीम ने यह महसूस किया कि शहर में अभी कई लोग ऐसे है जिनमें सिविक सेंस की घोर कमी है. ऐसे लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था और दुरुस्त हो सके. जायजा लेने के दौरान सदस्यों ने पाया कि सड़क किनारे नाली पर दुकानदारों के द्वारा प्लेटफाॅर्म बना दिये गये हैं, जिससे सफाई में बाधा होती है.
इसके अलावा कचरा नाली में फेंका जाता है, कई स्थानों पर डस्टबिन है उसके बावजूद भी लोग खासकर छोटे-छोटे दुकानदार नालियों में गंदगी डाल देते हैं. ऐसी आदतों में सुधार की जरूरत है. सब्जी मार्केट, बड़ी मस्जिद रोड और पंचमहला मोड़ के समीप समेत करीब एक दर्जन स्थानों पर ऐसी स्थिति टीम सदस्यों ने देखी है.
डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था को देखते हुए टीम सदस्यों ने महसूस किया कि नगर पर्षद के सफाई कामगारों के अलावा सफाई का जिम्मा संभाले एनजीओ काम कर रही है.
शौचालयों का हो रहा इस्तेमाल
शहर में बनाये गये सामुदायिक शौचालय, सार्वजनिक शौचालय और घर-घर शौचालय योजना के तहत उपलब्ध कराये गये व्यक्तिगत शौचालयों की स्थिति का भी टीम सदस्यों ने हाल जाना. रेलवे परिसर एवं काको मोड़ के पे एंड यूज शौचालय को भी देखा.
पांच सौ शहरों में शामिल है जहानाबाद : प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश के पांच सौ शहरों को शामिल किया गया है. जिसमें बिहार के 27 शहरों में जहानाबाद शामिल है. टीम के सदस्य सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के बाद अपनी रिपोर्ट भारत सरकार के नगर विकास मंत्रालय को सौपेंगे. रिपोर्ट के आधार पर माॅर्किंग किया जायेगा ओर सभी पांच सौ शहरों की रैंकिंग तय की जायेगी. इसके बाद केंद्र सरकार के द्वारा शहर को पूरी तरह स्वच्छ रखने और व्याप्त खामियों को दूर करने की दिशा में अग्रेतर कार्यक्रम तय किये जायेंगे.
ऐसे तय किये जाते हैं माॅर्किंग के मापदंड
रैंकिंग के लिए माॅर्किंग के तीन मापदंड तय किये गये हैं. सर्वेक्षण के क्रम में टीम के द्वारा सफाई व्यवस्था से संबंधित कागजात देखा जाता है. इसके आधार पर 45 प्रतिशत माॅर्किंग होती है. इसके अलावा स्पॉट पर जाकर सिटीजन फीट बैक (पब्लिक ओपिनियन) लिया जाता है. इसके तहत 30 प्रतिशत और तीसरा यह कि टीम के सदस्य ऑन स्पॉट जो देखते हैं उस पर 25 प्रतिशत माॅर्किंग होती है. कुल दो हजार अंक का प्रावधान है. जायजा लेने के बाद मिले अंक के आधार पर स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर की रैंकिंग की जानी है.